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निठारी हत्याकांड : आखिर,11 साल बाद दर्दनाक निठारी कांड के मासूमों को मिला इंसाफ

निठारी कांड (www.samaydhara.com)

गाजियाबाद, 24 जुलाई : राष्ट्रीय राजधानी से सटे नोएडा के निठारी में वर्ष 2006 के दुष्कर्म और हत्या के कई मामलों में से एक में सोमवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने व्यवसायी मोनिंदर सिंह पंढेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोली को एक 20 वर्षीया युवती के अपहरण, दुष्कर्म, हत्या और आपराधिक साजिश रचने के मामले में मौत की सजा सुनाई। अदालत ने उन्हें इस मामले में शनिवार को दोषी ठहराया था। विशेष अदालत के न्यायाधीश पवन कुमार त्रिपाठी ने युवती के अपहरण, हत्या और दुष्कर्म, सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने तथा आपराधिक साजिश रचने के मामले में पंढेर और कोली के लिए सजा का ऐलान किया।

न्यायाधीश ने कोली पर धारा 302 के तहत 10,000 रुपये का जुर्माना, हत्या की मंशा से अपहरण करने के लिए 10 वर्षो की जेल की सजा व 10,000 रुपये का जुर्माना, धारा 376 (दुष्कर्म) व धारा 511 (आजीवन कारावास या अन्य कारावास से दंडनीय अपराधों को करने के प्रयत्न करने के लिए दंड) के तहत 10 वर्षो की जेल की सजा तथा धारा 201 (अपराध के साक्ष्य का विलोपन या अपराधी को प्रतिच्छादित करने के लिए झूठी इत्तिला देना) के तहत 10,000 रुपये का जुर्माना, सात साल जेल की सजा तथा 5,000 रुपये का और जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर जेल की सजा बढ़ा दी जाएगी।

वहीं, पंढेर पर धारा 302 के तहत 10,000 रुपये का जुर्माना, धारा 376 तथा 511 के तहत सात साल जेल की सजा व 10,000 रुपये का जुर्माना और धारा 201 के तहत सात साल जेल की सजा तथा 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया।

सीबीआई ने 29 दिसंबर, 2006 को यह मामला दर्ज किया था और यह निठारी कांड में दर्ज आठवां मामला है।

सजा सुनाए जाने के वक्त कोली और पंढेर अदालत में ही मौजूद थे।

अभियोजन पक्ष के वकील जे.पी.शर्मा ने दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की थी। उन्होंने दलील दी थी कि फॉरेंसिक साक्ष्यों से यह साबित हो गया कि कोली ने युवती का अपहरण किया, उसके साथ दुष्कर्म किया और उसकी हत्या कर दी।

घटना पांच अक्टूबर, 2006 की है, जब पीड़िता अपने कार्यालय से घर लौट रही थी और निठारी में पंढेर के घर के सामने से गुजर रही थी।

कोली ने युवती को लालच देकर अंदर बुलाया और उसकी हत्या कर उसका सिर धड़ से अलग कर दिया। जांचकर्ताओं ने उसकी खोपड़ी घर के पिछले हिस्से से बरामद की थी।

बचाव पक्ष के वकील देवराज सिंह ने पंढेर के उच्च रक्तचाव व मधुमेह से पीड़ित होने का हवाला देते हुए उसके लिए कम से कम सजा का अनुरोध किया था।

सिंह ने यह भी कहा कि यह साबित हो चुका है कि अपराध के दिन वह देहरादून में थे। उन्होंने यह दावा किया कि पंढेर को न्याय नहीं मिला, क्योंकि पिछले मामलों में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उन्हें बरी कर दिया था। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी कोली को अपराध का आरोपी पाया न कि पंढेर को।

यह खौफनाक मामला वर्ष 2006 में सामने आया था, जब पुलिस ने नोएडा के निठारी में स्थित पंढेर के घर के पास के नाले से 16 लोगों की खोपड़ियां और हड्डियां बरामद कीं, जिनमें से अधिकांश बच्चों की थीं। पंढेर को नरभक्षी करार दिया गया था।

–आईएएनएस