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नीति आयोग ने सरकार से तीन सरकारी बैंको के निजीकरण की सिफारिश की

नीति आयोग ने सभी ग्रामीण बैंकों के मर्जर का सुझाव दिया,एनबीएफसी को अधिक छूट देने की भी सिफारिश

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नई दिल्ली (समयधारा) : देश भर में कोरोना का कहर लगातार जारी है l भारत में कोरोना के मामले 17 लाख को पार कर गए है l 

भारत की अर्थव्यवस्था की हालात भी काफी खस्ताहाल चल आ रही है l

ऐसे में सरकार अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कई कदम उठा रही है l 

अभी कुछ महीने पहले ही देश के कई PSU बैंकों को मर्ज किया गया था l  

अब  सरकार के पास  नीति आयोग  तीन PSU बैंकों का प्राइवेटाइजेशन की सिफारिश लेकर आया है । ये बैंक है …

  • पंजाब एंड सिंध बैंक 
  • यूको बैंक
  • बैंक ऑफ महाराष्ट्र

इसके साथ ही साथ  नीति आयोग ने सभी ग्रामीण बैंकों के मर्जर का भी सुझाव दिया गया है।

नीति आयोग ने एनबीएफसी को अधिक छूट देने की भी सिफारिश की है।

इस हफ्ते की शुरुआत में इस बात की सुगबुगाहट थी कि सरकार घाटे में चल रही इंडिया पोस्ट को ग्रामीण बैंकों के साथ मर्ज कर सकती है।

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पोस्टल ऑफिस के देश भर में फैले मजबूत नेटवर्क के उपयोग के लिए सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को इंडिया पोस्ट के साथ मर्ज करने

और इंडिया पोस्ट के 15 लाख पोस्टल आउटलेट का उपयोग करने का सुझाव रखा गया है।

इसके बाद एक नया PSU बैंक बनेगा जो नुकसान से उबर सकेगा।

भारत सरकार अपने आधे से भी अधिक पब्लिक सेक्टर बैंकों को प्राइवेटाइ करने की योजना बना रही है।

योजना ये है कि इनकी संख्या घटाकर 5 पर ले आया जाए।

इसकी शुरुआत बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूको बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और पंजाब एंड सिंध बैंक के अपने शेयर्स बेचने से हो सकती है।

इसी बीच बुधवार को पीएम मोदी ने बैंकों और एनबीएफसी के प्रमुखों के साथ बैठक भी की थी

और बैंकिंग सेक्टर को फिर से पटरी पर लाने के उपायों पर चर्चा की थी।

पंजाब एंड सिंध बैंक, यूको बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के प्राइवेटाइजेशन के लिए बैंकिंग कंपनीज (एक्ववीजीशन एंड ट्रांसफर) एक्ट 170 में संशोधन करना होगा।

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समयधारा

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