breaking_newsअन्य ताजा खबरेंदेशराजनीति
Trending

5 एकड़ जमीन अधिग्रहीत 67 एकड़ जमीन में से ही दी जाए: याचिकाकर्ता इकबाल

मुस्लिमों को मस्जिद बनाने के लिए अय़ोध्या में ही अलग से 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन देने का भी आदेश दिया था

अयोध्या: Petitioner Iqbal Ansari-Muslim leader: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने 9 नवंबर को ऐतिहासिक अयोध्या भूमि विवाद पर फैसला (Ayodhya verdict) सुनाते हुए जहां एक ओर विवादित स्थल पर राममंदिर (RamMandir) बनाये जाने का आदेश दिया

तो वहीं दूसरे पक्ष मुस्लिमों को मस्जिद बनाने के लिए अय़ोध्या में ही अलग से 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन देने का भी आदेश दिया था।

अब मुस्लिम पक्ष की ओर से प्रमुख याचिकाकर्ता इकबाल अंसारी (Petitioner Iqbal Ansari-Muslim leader) ने मांग की है कि मस्जिद बनाने के लिए पांच एकड़ जमीन अधिग्रहीत 67 एकड़ जमीन में से ही मुस्लमानों को दे दी जाए (5 acres of land should be given out of 67 acres acquired in Ayodhya)

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का मुख्य याचिकाकर्ता इकबाल (Petitioner Iqbal Ansari-Muslim leader) ने भी स्वागत किया है और इस फैसले को आगे चुनौती देने से साफ इंकार किया है

लेकिन साथ ही उन्होंने अन्य स्थानीय मुस्लिम नेताओं के साथ मांग की है कि मस्जिद (Masjid) बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार जो पांच एकड़ जमीन दी जाए वो अधिग्रहीत 67 एकड़ जमीन में से ही मुस्लमानों को दी जानी चाहिए।

अयोध्या मामले (Ayodhya case) में मुख्य याचिकाकर्ता इकबाल अंसारी ने कुछ स्थानीय मुस्लिम नेताओं (Petitioner Iqbal Ansari-Muslim leader) के साथ मिलकर मांग की है

कि उच्चतम न्यायालय के फैसले के तहत मस्जिद के निर्माण के लिये आवंटित की जाने वाली पांच एकड़ जमीन अयोध्या में अधिग्रहित 67 एकड़ जमीन में से ही दी जाए।

केंद्र सरकार ने 1991 में विवादित स्थल समेत जमीन अधिग्रहित की थी।

अंसारी ने कहा, “अगर वे हमें जमीन देना चाहते हैं, तो हमें हमारी सुविधा के मुताबिक दी जानी चाहिए और वह 67 एकड़ अधिग्रहित जमीन में से ही होनी चाहिए। तब हम यह लेंगे।

अन्यथा हम इस पेशकश को ठुकरा देंगे क्योंकि लोग कह रहे हैं ‘चौदह कोस से बाहर जाओ और वहां मस्जिद बनाओ’। यह उचित नहीं है।”

स्थानीय मौलवी, मौलाना जलाल अशरफ ने कहा कि मुसलमान मस्जिद बनाने के लिये खुद जमीन खरीद सकते हैं और उसके लिये सरकार पर निर्भर नहीं हैं।

उन्होंने कहा, “अदालत या सरकार हमारी संवेदनाओं को कुछ हद तक शांत करना चाहती है तो पांच एकड़ जमीन अधिग्रहित इलाके में ही मिलनी चाहिए क्योंकि कई कब्रिस्तान और दरगाह इसी इलाके में आते हैं।”

ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल के महासचिव खलिक अहमद खान ने भी ऐसे ही विचार व्यक्त किये।

मुस्लिम पक्ष की तरफ से एक अन्य याचिकाकर्ता हाजी महबूब ने कहा, “हम इस झुनझुने को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्हें निश्चित रूप से यह स्पष्ट करना चाहिए कि वो हमें कहां जमीन देना चाहते हैं।”

अयोध्या नगर निगम में पार्षद हाजी असद अहमद ने कहा, “अगर अदालत या सरकार मस्जिद के लिये जमीन देना चाहती है तो उन्हें इसे अधिग्रहित 67 एकड़ जमीन में से ही देना चाहिए, अन्यथा हमें दान नहीं चाहिए।”

जमीयत उलेमा हिंद के अयोध्या प्रमुख मौलाना बी. खान ने कहा कि मुस्लिम पक्ष बाबरी मस्जिद के लिये लड़ रहा था न कि किसी दूसरी जमीन के लिये।

उन्होंने कहा, “हमें मस्जिद के लिये कहीं और जमीन नहीं चाहिए। इसके बजाए, हम यह जमीन भी राम मंदिर के लिये दे दें।”

 

(इनपुट एजेंसी से भी)

 

Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: