breaking_newsअन्य ताजा खबरेंदेशराजनीतिसोशल मीडिया
Trending

#ManmohanSingh:पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह आज हुए 87 साल के,जानें गरीबी से ऑक्सफोर्ड तक का सफर

प्रधानमंत्री मोदी ने भी पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी....

नई दिल्ली : HappybirthdayDr.ManmohanSingh- देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का आज जन्मदिन (ManmohanSinghBirthdaytoday) है। वे 87 साल के हो गए है।

पूर्व प्रधानमंत्री और देश के सबसे बेहतर अर्थशास्त्री मनमोहन का जन्म एक बेहद गरीब परिवार में हुआ था।

उनका जीवन गरीबी के कारण बेहद संघर्षपूर्ण रहा लेकिन फिर उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से अर्थशास्त्र में उच्च  शिक्षा हासिल की।

केरोसिन लैंप की रोशनी से पढ़कर डॉ. सिंह की आंखों पर बेहद मोटा चश्मा लगा और देश ही नहीं बल्कि दुनिया को अपनी आर्थिक नीतियों का लोहा मनवाया।

मिट्टी के तेल के दीये की रोशनी में पढ़कर कैंब्रिज यूनिवर्सिटी और ऑक्सफोर्ड से पीएचडी तक का सफर तय करना एक साधारण और गरीब परिवार में जन्मे बच्चे के लिए कितना अकल्पनीय और अद्वितीय रहा…इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है।

डॉ. मनमोहन सिंह का जन्म (Manmohan Singh Birthday) 26 सितंबर 1932 को अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत (जोकि अब पाकिस्तान में है) के एक गांव में हुआ था।

मनमोहन सिंह 22 मई 2004 से 26 मई 2014 तक देश के लगातार 10 साल प्रधानमंत्री रहे। पीएम मोदी ने भी आज मनमोहन सिंह को उनके जन्मदिन (HappyBirthdayManmohanSingh)  की ट्वीट करके बधाई दी है।

पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ”हमारे पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह जी को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं। मैं उनके लंबे और स्वस्थ्य जीवन के लिए प्रार्थना करता हूं।’

ट्विटर पर भी हैशटैग #ManmohanSingh और #HappyBirthdayDrSingh ट्रेंड कर रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी समेत तमाम राजनेता और जनता आज मनमोहन सिंह को उनके जन्मदिन की बधाई दे रहे (HappybirthdayDr.ManmohanSingh) है।

पूर्व प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के जन्मदिन (ManmohanSinghbirthday) पर जानते है उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें:

मनमोहन सिंह को देश केवल एक पूर्व प्रधानमंत्री के रूप में ही याद नहीं रखता है बल्कि वे एक निपुण अर्थशास्त्री के रूप में ज्यादा जाने जाते है। बोलने से ज्यादा करने में विश्वास रखने वाले मनमोहन सिंह ने ही देश के बाजार को विश्व के लिए खोला था।

भारत में आर्थिक सुधारों के जन्मदाता,सफल परमाणु समझौता,अर्थशास्त्र में विशेषज्ञता हासिल करने वाले मनमोहन सिंह ने बोलने से ज्यादा करके दिखाया।

अपनी चुप्पी के कारण भले ही बतौर पीएम वे हमेशा निशाने पर रहे लेकिन जब विश्व में आर्थिक मंदी का दौर था तब मनमोहन सिंह ने प्रधानंत्री के रूप में देश को आर्थिक मंदी से बचाकर रखा और कुशल आर्थिक रणनीतियों से केवल देश ही नहीं विश्व को भारत की आर्थिक क्षेत्र साख दिखाई।

अपनी गरीबी को भुनाया नहीं बल्कि काबिलियत का लोहा मनवाया

आज भले ही हमारे देश में कई सेलेब्रिटी,राजनेता,स्पोर्ट्समैन अपनी गरीबी को भुनाकर अपनी महानता का प्रदर्शन करते है लेकिन संभवत: बहुत कम लोग जानते है कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह एक बेहद गरीब परिवार में जन्मे थे

लेकिन फिर भी राजनीति में बने रहने के लिए उन्होंने इसे सहानुभूति के वोट पाने की खातिर भुनाया नहीं बल्कि तमाम संघर्षों को पार करते हुए कड़ी मेहनत के बल पर अपने लक्ष्य को हासिल किया और अपनी काबलियत का लोहा विश्व को मनवाया।

बच्चों के लिए स्कूल जाना और शिक्षा लेना कितना जरूरी है, लेकिन मनमोहन सिंह को मीलों पैदल चलकर स्कूल जाना होता था।

12 वर्ष की उम्र तक वे एक गांव में रहे और फिर शहर की ओर चल दिए। मिट्टी के तेल के लैंप की रोशनी में पढ़ने वाले मनमोहन सिंह ने शिक्षा को हासिल करने में बेहद संघर्ष किया।

गरीब परिवार से होने के कारण शिक्षा हासिल करना उनके लिए बहुत महंगा था।

मनमोहन सिंह ने दिल्ली स्कूल ऑफ इकॉनोमिक्स में बतौर प्रोफेसर अनुभव अर्जित किया। अर्थशास्त्र की पढ़ाई में महारत हासिल करने के बाद बहुत सी किताबें लिखीं। उन्होंने यूएन में ट्रेड एंड डेपलेपमेंट के लिए काम किया। इसके बाद वर्ष 1969 में वे भारत लौटे।

विदेश में शिक्षा

कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र की डिग्री अर्जित करने के बाद मनमोहन सिंह को स्कॉलरशिप भी मिली।

सिंह अपने टीचर्स और स्टूडेंट्स में बहुत लोकप्रिय थे।

वहां उन्हें बहुत सारे सम्मान मिले और वर्ष 1955-1957 के बीच उन्हें स्कॉलरशिप दी गई।

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पीएचडी की पढ़ाई पूरी करने वाले मनमोहन सिंह ने अर्थशास्त्र में थिसिस जमा की।

RBI के गर्वनर बनें

डॉ. मनमोहन सिंह सिर्फ प्रधानमंत्री ही नहीं रहे बल्कि वे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व गवर्नर भी रहे है। उन्हें देश एक निपुण अर्थशास्त्री के रूप में ही ज्यादा जानता है। आरबीआई ने जो मॉनिटरी पॉलिसी रुपयों के लिए बनाई थी उसका हिस्सा मनमोहन सिंह भी थे।

वे वर्ष 1976-1980 तक आरबीआई के डायरेक्टर रहे और बाद में गर्वनर भी बनें।

कभी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा फिर भी बने प्रधानमंत्री

मनमोहन सिंह ने लोकसभा चुनाव में कभी जीत नहीं हासिल की। वर्ष 2004 तक एक परंपरा थी कि प्रधानमंत्री जनता का प्रतिनिधि होता है इसलिए उसे लोकसभा से सदन में आना चाहिए।

किंतु बतौर प्रधानमंत्री अपने दो बार के कार्यकाल में मनमोहन सिंह ने कभी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा था।

जब एक बार लड़े तो दिल्ली से हार गए। फिर भी वे देश के प्रधानमंत्री बने।

मंहगाई के मुद्दे पर कुर्सी गंवाई

मनमोहन सिंह जब प्रधानमंत्री थे तब महंगाई अपने सबसे बुरे दौर में थी। कई चुनौतियां मुंह बाएं खड़ी थी और फिर आखिरकार समय के आगे उन्हें भी घुटने टेकने पड़े और महंगाई के कारण उन्हें कुर्सी गंवानी पड़ी।

अमेरिका के साथ सफल परमाणु समझौता

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और तत्कालीन अमेरिका के राष्ट्रपति जार्ज बुश के बीच 18 जुलाई 2006 में भारत और अमेरिका के बीच सफल परमाणु समझौता हुआ। इसे मनमोहन सिंह की बड़ी उपलब्धि माना जाता है।

मनमोहन सिंह योजना आयोग के उपाध्यक्ष, रिजर्व बैंक के गवर्नर, प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष भी रहे।

देश का सबसे ज्यादा क्वालिफाईड प्रधानमंत्री

मनमोहन सिंह ने 1948 में पंजाब विश्वविद्यालय से मेट्रिक की शिक्षा पास की और आगे की शिक्षा ब्रिटेन के कैंब्रिज विश्वविद्यालय से हासिल की।1957 में उन्होंने अर्थशास्त्र में प्रथम श्रेणी से ऑनर्स की डिग्री अर्जित की. इसके बाद 1962 में उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के नूफील्ड कॉलेज से अर्थशास्त्र में डी. फिल किया। उन्हें जिनेवा में दक्षिण आयोग के महासचिव के रूप में नियुक्त किया गया था। 1971 में डॉ. सिंह वाणिज्य मंत्रालय में आर्थिक सलाहकार व 1972 में वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार रहे।

HappybirthdayDr.ManmohanSingh

Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: