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बेरोजगारी पर मोदी सरकार की खुली आंख? PMO ने मंगाया मंत्रालयों,विभागों से खाली पदों का डाटा

पीएमओ के निर्देशों के बाद विभिन्न मंत्रालयों और विभागों को आतंरिक सर्कुलर जारी किया गया है और विभागों में खाली पड़े पदों की संख्या व कुल पदों की संख्या के बारे में ब्यौरा मांगा गया है

नई दिल्ली,17मई : PMO seeks vacant posts data from various ministries and departments-लोकसभा चुनाव 2019 (LokSabha Election 2019) के लिए सातवें चरण का मतदान 19 मई को होना है और अब जाकर मोदी सरकार (Modi govt) की बेरोजगारी (employment ) के आरोपो पर आंख खुली हैप्रधानमंत्री कार्यालय(PMO) ने विभिन्न मंत्रालयों औऱ विभागों से(from various ministries and departments) रिक्त पदों का डाटा (vacant posts data) मंगवाया है।

ध्यान दें विपक्षी दल मुख्य रूप से कांग्रेस इन लोकसभा चुनावों में देश में बेरोजगारी बढ़ाने और युवाओं को नया रोजगार न दे पाने का मोदी सरकार पर आरोप लगाती रही है और इसी कारण अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) हरकत में आया है। विपक्ष ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार बेरोजगारी पर इतना आंखें बंद किए बैठी है कि वर्तमान के सरकारी खाली पदों को भी नहीं भरा जा रहा।

गौरतलब है कि नौकरियों पर एनएसएसओ का डाटा लीक होने पर देश में उस समय बवाल मच गया था जब इस रिपोर्ट के तहत इस बात का खुलासा हुआ की पांच साल में देश में बेरोजगारी पिछले 45 साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है।

तभी से मोदी सरकार पर रोजगार को लेकर विपक्ष हमलावर है और अब लोकसभा चुनावों के मध्य पीएमओ का मंत्रालयों और विभागों से खाली पदों का डाटा मंगवाना,स्पष्ट करता है कि सरकार अब जाकर हरकत में आई है।

लेकिन इतनी देर से पीएमओ क्यों रोजगार के मुद्दे पर हरकत में आया, जब ये सवाल किया गया तो ऑल इंडिया डिफेंस इंप्लॉयी फेडरेशन के जनरल सेक्रटरी सी श्रीकुमार ने बताया कि ‘सरकार ने जब इतने सालों में कुछ नहीं किया तो अब यह सब करने की क्या आवश्यकता है। कैबिनेट सेक्रटरी के सामने हमने तो 13 अप्रैल को हुई मीटिंग में भी इस मुद्दे को उठाया था। लेकिन ऐसा लगता है कि यह सरकार दोबारा सत्ता में आने पर कुछ घोषणाएं करने के लिए इस सारी तैयारी को अंजाम दे रही है।’

दरअसल, पीएमओ के निर्देशों के बाद विभिन्न मंत्रालयों और विभागों को आतंरिक सर्कुलर जारी किया गया है और विभागों में खाली पड़े पदों की संख्या व कुल पदों की संख्या के बारे में ब्यौरा मांगा गया है।

अंडरसेक्रटरी फणी तुलसी के द्वारा 3 मई को एक सर्कुलर जारी किया गया,इसके अनुसार फाइनेंस मिनिस्ट्री को इन्फॉर्म किया गया है कि पीएमओ के द्वारा इस बाबत जल्द ही एक मीटिंग रखी जाएगी। इस मीटिंग में विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े पदों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

इसके तहत 30 अप्रैल 2019 तक खाली पड़े विभिन्न पदों के विषय में जानकारी मांगी गई है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के मंत्री सदानंद गौड़ा ने इस बीच कहा है कि पीएम इस समय लोकसभा चुनावों के कार्यक्रमों में बिजी है। ऐसे में मुझे नहीं लगता कि इस प्रकार की कोई जानकारी जुटाई जा रही है। मेरी मिनिस्ट्री में तरीबन छह हजार कर्मचारी है और मैनें ऐसा कोई सर्कुलर नहीं देखा है’। ध्यान दे एनएसएसओ का डाटा लीक होने पर भी सदानंद गौड़ा सरकार का बचाव करते रहे है।

वैसे केंद्रीय सरकार कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष केकेएन कुट्टी ने पीएमओ द्वारा रोजगार पर डाटा मंगाया जाने पर कहा कि ‘इस सरकार ने पिछले पांच सालों में हमसे कोई बातचीत नहीं की है। चुनावों की घोषणा होने के बाद इस सरकार द्वारा पहली नैशनल काउंसिल की मीटिंग 13 अप्रैल को बुलाई गई थी। तब सरकार हमसे उस एजेंडे पर डिस्कशन करना चाहती थी जो पांच साल पहले हमने सरकार बनते समय उन्हें भेजा था।’

सेंट्रल गवर्नमेंट में रिक्त पदों के विषय में उन्होंने कहा कि दो परेशानियां इस काम में है। पहली ये कि एसएससी को रिक्त पदों की भर्ती किए जाने के लिए जो जानकारी चाहिए,वो मुहैया कराने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाये जा रहे और दूसरी समस्या ये है कि एसएससी जितने लोगों की जरूरत है उतने लोगों की भर्ती नहीं कर पा रहा।

ऑल इंडिया रेलवेमैन फेडरेशन के वर्किंग प्रेजिडेंट एन कन्हैया ने बताया है कि मात्र रेलवे में ही वर्तमान में 3.8 लाख पद खाली हैं किंतु सरकार द्वारा इन पर भर्तियां करने के लिए कोई भी ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। 

PMO seeks vacant posts data from various ministries and departments

( इनपुट एजेंसी से भी)

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Reena Arya

रीना आर्य एक ज्वलंत और साहसी पत्रकार व लेखिका है। वे समयधारा.कॉम की एडिटर-इन-चीफ और फाउंडर भी है। लेखन के प्रति अपने जुनून की बदौलत रीना आर्य ने न केवल बड़े-बड़े ब्रांड्स में अपने काम के बल पर अपनी पहचान बनाई बल्कि अपनी काबलियत को प्रूव करते हुए पत्रकारिता के पांच से छह साल के सफर में ही अपने बल खुद एक नए ब्रैंड www.samaydhara.com की नींव रखी।रीना आर्य हर मुद्दे पर अपनी बेबाक राय रखने पर विश्वास करती है और अपने लेखन को लगभग हर विधा में आजमा चुकी है

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