धोखेबाज शायरी : रिश्तों की दलदल से कैसे निकलेंगे…

dhokebaz-shayri-dhokh-shayaris risto-ki-shayari shayris-sayaris izzat-shayaris रिश्तों की दलदल से कैसे निकलेंगे… जब हर साजिश के पीछे अपने ही निकलेंगे… ==================== दूरियाँ तो पहले ही आ चुकी थी ज़माने में , कोरोना ने आकर इल्ज़ाम अपने सर ले लिया । ==================== मँज़िले बड़ी ज़िद्दी होती हैँ , हासिल कहाँ नसीब से होती हैं ! मगर वहाँ तूफान … Continue reading धोखेबाज शायरी : रिश्तों की दलदल से कैसे निकलेंगे…