चटपट चुटकले और शायरी दिल की बात

आशियाने बने ……और जमीनें महँगी

दिल से दिल तक

1) लोग कहते हैं पिये बैठा हूँ मैं,

खुद को मदहोश किये बैठा हूँ मैं,

जान बाकी है वो भी ले लीजिये,

दिल तो पहले ही दिये बैठा हूँ मैं
2) आशियाने बने भी तो कहाँ

जनाब…
जमीनें महँगी हो चली है

और
दिल में लोग जगह नहीं देते..!!
3) ठुकरा के उसने मुझे कहा कि मुस्कुराओ;

मैं हंस दिया सवाल उसकी ख़ुशी का था;

मैंने खोया वो जो मेरा था ही नहीं;

उसने खोया वो जो सिर्फ उसी का था।

About the author

समय धारा

Add Comment

Click here to post a comment

अन्य ताजा खबरें