आँगन शायरी : आस एक झूठी ही दे जाओ, कि बहला सकूँ उसे…आँगन में शाम तो आयेगी, तेरे जाने के बाद भी..!!
aangan shayaris latest shayris indian shayari आस एक झूठी ही दे जाओ कि बहला सकूँ उसे… आँगन में शाम तो आयेगी तेरे जाने के बाद भी..!! मोहब्बत उसी को आज़माती है जो हर मोड़ पर चलना जानता है….!! कुछ “पाकर” तो हर कोई मुस्कुराता है, मोहब्बत शायद उनकी ही होती है, जो बहुत कुछ “खोकर” … Continue reading आँगन शायरी : आस एक झूठी ही दे जाओ, कि बहला सकूँ उसे…आँगन में शाम तो आयेगी, तेरे जाने के बाद भी..!!
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