चाय और शायरी : लहजा जरा ठंडा रखें जनाब, गरम तो हमें सिर्फ चाय पसंद है..
chai aur shayari indian shayaris tea shayri लहजा जरा ठंडा रखें जनाब गरम तो हमें सिर्फ चाय पसंद है चाय दूसरी ऐसी चीज है जनाब जिससे आखें खुलती है l पर धोखा अभी भी पहले नंबर पर है …! मिलें कभी चाय पर फिर किस्से बुनेंगे l तुम खामोशी से कहना हम चुपके से सुनेगे … Continue reading चाय और शायरी : लहजा जरा ठंडा रखें जनाब, गरम तो हमें सिर्फ चाय पसंद है..
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