दिल की बात : ..फितरत किसीकी यूँ ना आजमाया कर ए जिंदगी..

  1. कहीं यादों का मुकाबला हो तो बताना…..

    जनाब

    हमारे पास भी किसी की यादें बेहिसाब होती जा रही हैं…

  2. इन रातों से अपना रिश्ता जाने कैसा रिश्ता है..,

    नींदे कमरे में जागी हैं, ख्वाब छतों पर बिखरे हैं!

  3. खामोशियों से मिल रहे है खामोशियों के जवाब ,,,

    *अब कैसे कहे की मेरी उनसे बाते नही होती.

  4. हर वक़्त फ़िजाओं में, महसूस करोगे तुम….

    हम दोस्ती की वो ख़ुशबू हैं, जो महकेंगे ज़मानों तक..

  5. ..फितरत किसीकी यूँ ना आजमाया कर ए जिंदगी..

    ..हर शख्स अपनी हद में लाजवाब होता है..

    (साभार सोशल मीडिया )

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