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दिल की बात : हमें न मोहब्बत मिली न प्यार मिला, हम को जो भी मिला बेवफा यार मिला

हमें न मोहब्बत मिली न प्यार मिला;
हम को जो भी मिला बेवफा यार मिला!
अपनी तो बन गई तमाशा ज़िन्दगी;
हर कोई अपने मकसद का तलबगार मिला!

प्यार किया था तो प्यार का अंजाम कहाँ मालूम था!
वफ़ा के बदले मिलेगी बेवफाई कहाँ मालूम था!
सोचा था तैर के पार कर लेंगे प्यार के दरिया को!
पर बीच दरिया मिल जायेगा भंवर कहाँ मालूम था!

अगर दुनिया में जीने की चाहत ना होती;
तो खुदा ने मोहब्बत बनाई ना होती;
लोग मरने की आरज़ू ना करते;
अगर मोहब्बत में बेवाफ़ाई ना होती!

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