जिंदगी शायरी : तलाश ज़िन्दगी की थी, दूर तक निकल पड़े ….

duniyadari-shayris shayari-ki-duniya sayari-hi-sayari izzat-sayari-indian-shayaris तलाश ज़िन्दगी की थी, दूर तक निकल पड़े, ज़िन्दगी नही मिली मगर तज़ुर्बे बहुत मिले…. =============== एक आशिक ने क्या खूब लिखा है कि “मरने के बाद मुझे जल्दी ना जला देना उसे  देर से आने की आदत है” ….! ==================== मँज़िले बड़ी ज़िद्दी होती हैँ , हासिल कहाँ नसीब से … Continue reading जिंदगी शायरी : तलाश ज़िन्दगी की थी, दूर तक निकल पड़े ….