होम > चटपट चुटकले और शायरी > दिल की बात > शायरी : सफर से बस इतना ही सबक सीखा है…. सहारा कोई – कोई ही देता है…
breaking_newsअन्य ताजा खबरेंचटपट चुटकले और शायरीदिल की बात
Trending

शायरी : सफर से बस इतना ही सबक सीखा है…. सहारा कोई – कोई ही देता है…

(1) सफर से बस इतना ही सबक सीखा है ..
सहारा कोई – कोई ही देता है

धक्का देने को हर शख्स तैयार बैठा है..

(2) एक आशिक ने क्या खूब लिखा है कि

“मरने के बाद मुझे जल्दी ना जला देना
उसे  देर से आने की आदत है” ….!

(3) तलाश ज़िन्दगी की थी,
दूर तक निकल पड़े,
ज़िन्दगी नही मिली मगर
तज़ुर्बे बहुत मिले.

यह शायरियां भी पढ़े : 

दिलवालों की शायरी : नजरअंदाजी शौक बडा़ था उनको हमने भी तोहफे में उनको..

मोहब्बत शायरी : ऐ मोहब्बत… तुम्हारे मुस्कुराने का असर मेरी सेहत

जिंदगी-शायरी : मिलो किसी से ऐसे कि ज़िन्दगी भर की पहचान बन जाये…..

शायरी : कल शीशा था, सब देख-देख कर जाते थे….

मोहब्बत-शायरी : कुछ इस अदा से निभाना है किरदार मेरा मुझको….

(इनपुट सोशल मीडिया से)

 

Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button
error:
Close