Shayari – ख्वाब सा था साथ तुम्हारा, ख्वाब बन के रह गया..

khavab shayaris ishq shayri mohabbat shayaris izzat shayari india ki shayari ख्वाब सा था साथ तुम्हारा ख्वाब बन के रह गया… न जाने कोन-सी साजिशों के हम शिकार हो गए जितना दिल साफ़ रखा उतना “गुनहगार” हो गए shayari – चाय सी उबल रही है जिंदगी, हम भी हर घूंट का मज़ा लिए जा रहे … Continue reading Shayari – ख्वाब सा था साथ तुम्हारा, ख्वाब बन के रह गया..