shayari – उलझाकर डोर नज़रों की, फिर आँखें चुराना छोड़ दो

latest love dil trending shayaris in hindi pyarbhari shayri sayari-in-hindi shayari kalam se   उलझाकर डोर नज़रों की, फिर आँखें चुराना छोड़ दो दिल में उतरना है तो पूरा उतर, दहलीज़ से वापस जाना छोड़ दो शायरी -आज बहकी सी है कलम, होकर तेरे ख्यालो से रूबरू आज बहकी सी है कलम होकर तेरे ख्यालो से … Continue reading shayari – उलझाकर डोर नज़रों की, फिर आँखें चुराना छोड़ दो