शायरी – तेरी मर्जी से ढल जाऊं… हर बार ये मुमकिन नहीं,

marzi shayri love sayari shayaris in hindi तेरी मर्जी से ढल जाऊं हर बार ये मुमकिन नहीं मेरा भी वजूद है, मैं कोई आइना नहीं… ज़िन्दगी में….! ज़िन्दगी ढूँढना ही…!! ज़िन्दगी है….!!! शायरी – भूलभुलैया सी हैं, तेरी दिल की राहें..! भूलभुलैया सी हैं    तेरी दिल की राहें..! पहुँचना मुश्किल,    लौटना नामुमकिन..! मोहब्बत … Continue reading शायरी – तेरी मर्जी से ढल जाऊं… हर बार ये मुमकिन नहीं,