breaking_newsअन्य ताजा खबरेंचटपट चुटकले और शायरीदिल की बातबॉलिवुड-हॉलिवुडमनोरंजन
Trending

संगीतकार खय्याम को उनकी फिल्म ‘शोला और शबनम’ से भावपूर्ण श्रद्धांजलि

music-director-khayyams-movie-shola-aur-shabnam-song-and-shayari

संगीतकार खय्याम   भावपूर्ण श्रद्धांजली!

ना शोला, ना चिंगारी!

जाने क्या ढूँढती रहती है
ये आँखे मुझमें
राख के ढ़ेर में
शोला है ना चिंगारी है!

अब ना वो प्यार
ना उस प्यार की यादें बाकी।  
आग वो दिल में लगी
कुछ ना रहा, कुछ ना बचा

जिसकी तस्वीर
निगाहों में लिये बैठी हो…  
मैं वो दिलदार नहीं
उसकी हूँ खामोश चिता!

ज़िन्दगी हँस के गुजरती थी
बहोत अच्छा था।  
खैर हँस के ना सही
रो के गुजर जायेगी।  

राख बरबाद मोहोब्बत की
बचा रखी है…  
बार बार इसको जो छेड़ा
तो बिखर जायेगी।

आरजू जुर्म, वफ़ा जुर्म,
तमन्ना है गुनाह।  
ये वो दुनिया है
यहाँ प्यार नहीं हो सकता।
 
कैसे बाजार का
दस्तूर तुम्हे समझाऊँ…
बिक गया जो वो
खरीदार नहीं हो सकता!

– कैफ़ी आज़मी

स्वर : मोहम्मद रफ़ी

संगीत : खय्याम

फ़िल्म : शोला और शबनम (1961)

music-director-khayyams-movie-shola-aur-shabnam-song-and-shayari

Breaking News : खामोश हो गए ‘पल दो पल’ के शायर खय्याम

 

Tags

Dharmesh Jain

धर्मेश जैन एक स्वतंत्र लेखक है और साथ ही समयधारा के को-फाउंडर व सीईओ है। लेखन के प्रति गहन रुचि ने धर्मेश जैन को बिजनेस के साथ-साथ लेख लिखने की ओर प्रोत्साहित किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: