शायरी : मशरूफ रहने का अंदाज़ तुम्हे तनहा ना कर दे गालिब
rishtey-shayris relationship-shayaris indian-sayari shayari-love मशरूफ रहने का अंदाज़ तुम्हे तनहा ना कर दे गालिब रिश्ते फुर्सत के नहीं तवज्जो के मोहताज़ होते है शायरी की दुनिया : कारवाँ ए जिंदगी.. हसरतों के सिवा… कुछ भी नहीं… कारवाँ ए जिंदगी हसरतों के सिवा कुछ भी नहीं ये किया नहीं, वो हुआ नहीं ये मिला नहीं, वो … Continue reading शायरी : मशरूफ रहने का अंदाज़ तुम्हे तनहा ना कर दे गालिब
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