शायरी – ना वो ज़ाहिर कर सके ना हम बयां कर सके…
shayaris ki duniya nigaho hi nigaho me shayri ki kitab ना वो ज़ाहिर कर सके ना हम बयां कर सके बस निगाहों-निगाहों में उलझा रह गया इश्क़ हमारा मोहब्बत शायरी : कुछ इस अदा से निभाना है किरदार मेरा मुझको…! कुछ इस अदा से निभाना है किरदार मेरा मुझको…! जिन्हें मुहब्बत ना हो मुझसे वो … Continue reading शायरी – ना वो ज़ाहिर कर सके ना हम बयां कर सके…
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