शायरी ही शायरी : आसमान से ऊँचा कोई नहीं, सागर से गहरा कोई नहीं,

(1) आसमान से ऊँचा कोई नहीं,
सागर से गहरा कोई नहीं,
यूँ तो मुझको सभी प्यार करते है,
पर आप से प्यारा कोई नहीं…

(2) जिंदगी शुरू होती है रिश्तों से,
रिश्ते शुरू होते है प्यार से,
प्यार शुरू होता है अपनों से,
और अपने शुरू होते है आप से…

(3) ये ” DOSTI ” की धडकन है – –
जब तक DOST सलामत रहेगा,
तब तक ये ” धडकता ” ही रहेगा

(4) लोग कहते है,
जिसे हद से ज्यादा प्यार करो,
वो प्यार की कदर नहीं करता!
पर सच तो यह है की,
प्यार की कदर जो भी करता है,
उसे कोई प्यार की नहीं करता!

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