वक्त शायरी : वक़्त हँसाता है वक़्त रुलाता है.. वक़्त ही बहुत कुछ सिखाता है..!

“वक़्त हँसाता है वक़्त रुलाता है
वक़्त ही बहुत कुछ सिखाता है!

वक़्त की कीमत जो पहचान ले
वही मंज़िल को पाता है,
खो देता है जो वक़्त को
जीवन भर पछताता है

क्योंकि गुजरा हुआ वक़्त
कभी लौटकर नहीं आता है।”

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(इनपुट सोशल मीडिया से)

 

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