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अविवाहित बेटी का पैतृक संपत्ति में क्या हक है?

हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत अपनी मां की संपत्ति की उत्तराधिकारी है लेकिन...

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सवाल- मैं और मेरी मां पिछले 30 सालों से साथ रहते है। मैं एक अनमैरिड लड़की हूं। मेरा भाई मुझे घर से निकालना चाहता है और वो प्रोपर्टी बेच रहा है क्योंकि हमारा घर जिसमें मैं और मेरी मां साथ रहते है मेरे भाई और मां के नाम है। कृप्या बताएं मेरा इस प्रॉपर्टी में कोई कानूनी हक है या नहीं।

जवाब- प्रॉपर्टी चूंकि मां और बेटे के नाम है तो दोनों ही इस प्रॉपर्टी के बराबर के हकदार है और दोनों ही मालिक है। इस नाते दोनों में से कोई एक अकेला न तो इस संपत्ति को बेच सकता है और न ही अकेले किराएं पर दे सकता है। ऐसा करने के लिए दोनों को एक-दूसरे की सहमति लेना अनिवार्य है।यदि दोनों में से कोई एक भी ऐसा करता है तो यह दूसरे के विशेषाधिकार का हनन होगा और इसके चलते उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

जहां तक बेटी की बात है तो वह (unmarried daughters right in ancestral property) हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत अपनी मां की संपत्ति की उत्तराधिकारी है लेकिन मां के जिंदा रहते वह इस संपत्ति से अपना हिस्सा तब तक नहीं ले सकती जब तक की मां खुद उसे संपत्ति का हकदार न बना दें या फिर खुद से अपना हक उसके लिए न छोड़ दें या फिर बेटी को खुद से त्याग न दें।

लेकिन इस केस में भी बेटी का मां-बाप की पैतृक संपत्ति पर मां के जिंदा रहते कानूनी अधिकार बनता है इसलिए मां के न रहने पर भी भाई अपनी बहन को जबरदस्ती इस संपत्ति से बाहर नहीं निकाल सकता क्योंकि संविधान की धारा 21 के तहत प्रत्येक व्यक्ति को पूरी गरिमा के साथ रहने का अधिकार है।

प्रतिभा कुलकर्णी, दिल्ली

 

सुप्रीम कोर्ट वकील- अनीशा जैन

ईमेल आईडी- anjain.gemini@gmail.com

 

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