breaking_news Home slider अन्य ताजा खबरें डाइट लाइफस्टाइल

Diet Special : अगर आप भी समोसा बड़े चाव से खाते है तो संभलें! ये खबर बदल देगी आपका जायका!!

समोसा (www.samaydhara.com)

समोसा खाना न सिर्फ उत्तर भारत में बल्कि देश के हर कोने में पसंद किया जाता है। गरमा गरम समोसा हरी चटनी और लाल चटनी के साथ खाना भला किसे पसंद नहीं। पर अगर आप हेल्थ कॉन्शस हैं तो इस खबर पर गौर कीजिए। 

एक समोसा खाने से हमारे शरीर में इतनी कैलोरी बनती है कि उसे बर्न करने के लिए 5 दिन लगातार एक घंटे तक वॉक करना पड़ेगा। तो सोचिए कि अगर आपने आज दोस्तों के साथ किसी पार्टी या चाय के नुक्कड़ पर दो समोसा खाया तो तैयार हो जाइए अगले 10 दिन तक हर रोज एक घंटे वॉक करने के लिए। तभी आप खुद को मेंटेन रख पाएंगे। 

डाइट एक्सपर्ट्स के अनुसार एक समोसा में 450-500 कैलोरी होती है। ये तो बात सिर्फ कैलोरी की हुई। अब अगर गौर फरमाएं कि एक समोसे में और क्या क्या होता है। एक समोसे के अंदर कुल फैट 18 ग्राम होती है। इसके अलावा प्रोटीन मात्र 5 ग्राम, सोडियम 816 मिलीग्राम, शुगर 1 ग्राम, फाइबर 2 ग्राम और कोलेस्ट्रॉल 9 मिलीग्राम होती है। अब अगर फायदे वाले तत्व देखें तो विटामिन ए, कैल्शियम, आयरन और विटामिन सी जो कि हम सामान्य खाने में तलाशते हैं ताकि शरीर स्वस्थ रहे वो शून्य पाया जाता है। यानी सवाल यही उठता है कि स्वाद का माहिर समोसा हम आखिर क्यों खाएं। 

जानिए दुनिया के किन हिस्सों में चाव से खाया जाता है समोसा

समोसा वैसे तो भारत के तमाम हिस्सों में नाश्ते के रूप में प्रमुख से खाया और पसंद किया जाता है लेकिन इसके अलावा पूरे भारतीय उपमहाद्वीप, दक्षिण पूर्व एशिया, मध्य एशिया, दक्षिण पश्चिम एशिया, पेनिंनसुला, अफ्रीका और जहां जहां भारतीय लोग पहुंच गए हैं उन उन देशों में भी अब प्रमुखता से ये पसंद किया जा रहा है। 

समोसे के नाम सुनकर चौंक जाएंगे आप

संस्कृति: शृंगटकम

बंगाली: शिंगारा

हिब्रू: संबुसक

टर्की: सोमसा

सोमाली: संबुस

इंडियन डिश नहीं है समोसा 

हम जिस समोसे को बड़े चाव से खाते हैं दरअसल ये इंडियन डिश है ही नहीं। चाउमीन, पिज्जा की तरह समोसा भी विदेश से आया हुआ व्यंजन है। आपको जानकर हैरानी होगी कि समोसे का इतिहास ईरान देश से जुड़ा हुआ है। कहा जाता हैं कि समोसा शब्द फारसी भाषा के ‘संबोसाग’ से बना हुआ है। इतिहासकारों की माने तो गजनवी साम्राज्य के शाही दरबार में एक ‘नमकीन पेस्ट्री’ परोसी जाती थी। इस पेस्ट्री को मीट कीमा और सुखा मेवा भरकर बनाया जाता था।

2000 साल पहले हिंदुस्तान में आया समोसा

इतिहासकारों की माने तो हमारे देश भारत में समोसा 2000 साल पहले आया था जब आर्य भारत आए थे। भारत में समोसा मध्य एशिया की पहाड़ियों से गुजरते हुए आया था। पर भारत में आने के बाद समोसे में कई तरह के बदलाव हो गए। हमारे भारत देश में जो समोसा खाया जाता है उसमे कई तरह के स्वादिष्ट मसाले आलू के साथ मिलाकर भरे जाते हैं। ऐसा भी बोला जाता है कि सोलहवीं सदी में जब पुर्तगाली भारत आए, तब आलू आया और उसी के बाद से समोसे में इसका उपयोग करना शुरू किया गया था।