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सुलझेगी उलझन : आपकी पार्टनर को किसी ने छुआ तो नहीं, ऐसे करें पता

वर्जिनिटी पता लगाना एक बड़ी समस्या..? ऐसे पायें इस बड़ी पहेली का हल

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नई दिल्ली : दोस्तों आप हमेशा अपने पार्टनर के रूप में एक आदर्श लड़की की कल्पना करते हो l

हर भारतीय अविवाहित पुरुष की यह सबसे बड़ी चाह होती है l

हो भी क्यों नहीं..! आखिर जिंदगी में भारतीय पुरुष या महिला सिर्फ एक ही बार शादी करते है l

वो विदेशीयों की तरह आये दिन तलाक लेकर दूसरी या तीसरी शादी नहीं करता l

पर बहुत से पुरुष खासकर अनपढ़ पुरुष को यह चिंता हमेशा सताएं रहती है कि आखिर मेरी होने वाली बीवी को किसी ने छुआ तो नहीं l

या सोचकर परेशान है कि आपकी गर्लफ्रेंड वर्जिन है या नहीं? जानें एक्सपर्ट्स एड्वाइज

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बेशक आज हम 21वीं सदी में रह रहे है लेकिन एक कड़वा सच यह भी है कि आज भी लड़की वर्जिन है,

या नहीं….ये बात बहुत से लड़कों के लिए बहुत मैटर करती है, जबकि सच तो यह है कि एक रिश्ता आपसी प्यार,

सामंजस्य और विश्वास से परफेक्ट बनता है न कि आपकी पार्टनर वर्जिन है या नहीं इसकी खोजबीन करने से।

अब आपको लग रहा होगा कि मैं ज्ञान क्यों दे रहा हूं। तो चलिए मुद्दे पर आ जाता है।

लड़के खुद कुंवारे है या नहीं इस बात से ज्यादा उन्हें इसकी फिक्र रहती है कि उनकी गर्लफ्रेंड या पार्टनर वर्जिन है या नहीं,

लेकिन सीधे यह सवाल पूछा तो रिश्ता गया खटाई में या फिर कुछ मामलों में आपको चांटा भी लग सकता है।

इसलिए आपकी सहूलियत को देखते हुए हम आज इस सवाल का जवाब विशेषज्ञों से बातचीत के बाद लेकर आएं है:

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1.विशेषज्ञों की राय में इस बात का साइंस और टेक्नोलॉजी में कोई पुख्ता प्रूफ नहीं कि फलां लड़की वर्जिन या कुंवारी है या नहीं।

कुछ भ्रांतियां है जिन्हें लोगों ने पाल रखा है कि अगर लड़की की झिल्ली टूटी मिली तो मतलब वह वर्जिन नहीं और पहले सहवास कर चुकी है,

लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। दरअसल,वैजाइना में पाई जाने वाली हाइमन झिल्ली अगर किसी लड़की में न हो तो

इसका यह मतलब कतई नहीं कि वह पहले सेक्स कर चुकी है। हाइमन झिल्ली बहुत नाजुक होती है,

और यह योनि के चारों ओर लिपटी होती है,लेकिन प्रवेश द्वार को सम्पूर्णता से ढ़कती नहीं है।

2.हाइमन झिल्ली खेलकूद, दौड़भाग या फिर साइकिलिंग के दौरान भी टूट सकती है।

सहवास के दौरान इसे तोड़ना बिल्कुल मुश्किल नहीं होता और बहुत बार यह खुद-ब-खुद उपरोक्त एक्टिविटी में टूट जाती है।

इसलिए इस आधार पर किसी लड़की के कौमार्य को जांचना सरासर बेवकूफी है।

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3.बहुत से लोगों को गलतफहमी होती है कि कौमार्य की पहचान सहवास के दौरान खून निकलना है,

और यह केवल प्रथम सहवास में ही संभव है और अगर सहवास के दौरान खून नहीं निकला तो वह लड़की वर्जिन नहीं।

यह भी एक बहुत बड़ी गलतफहमी है। ऐसा जरूरी नहीं कि प्रथम सहवास के दौरान खून निकले ही और न ही यह कौमार्य का कोई प्रमाण है,

बल्कि कौमार्य और खून निकलने का कोई लिंक नहीं है।

इसलिए खून न निकलें तो कभी न सोचें कि उसने पहले सहवास किया हुआ है। यह बस गलतफहमी है।

4.कुछ पेशेवर आपकी अज्ञानता का खूब फायदा उठाते है और आपसे कहते है कि वह हाइमन झिल्ली दोबारा प्लांट कर सकते है,

या फिर वैजाइना को पुन: पहले जैसा कर सकते है, लेकिन एक बात अच्छे से जान लें कि यह सब महज भ्रांतियां है

और ऐसा करना लगभग नामुमकिन है। बस ऐसे लोग आपके साथ माइंड गेम खेलते है,

और मकसद केवल आपका पैसा लूटना होता है। इनके चक्कर में भूल से भी न पड़े और अपने समय व पैसों की बचत करें।

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5.केवल लड़की ही क्यों किसी लड़के के कौमार्य को जांचने का भी कोई वैज्ञानिक तरीका नहीं है।

 

जैसा कि हमने पहले भी बताया कि एक रिश्ते की मजबूती के लिए शारीरिक संबंधों में कौमार्य होने या ना होने से कहीं ज्यादा जरूरी है,

आपसी विश्वास, प्यार और सामंजस्य। जिन बातों का वैज्ञानिक रूप से भी कोई पुख्ता प्रमाण नहीं निकाला जा सकता,

उनके पीछे पड़कर अपना रिश्ता खराब करना सरासर खुद के पांवों पर कुल्हाड़ी मारने सरीखा है।

याद रखिए, जो पास है वहीं खास है और जो मिला है उसको बेहतर बनाइयें और जिंदगी को उनके प्यार के साथ इंजॉय करिए।

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आपको यह पोस्ट कैसी लगी। हमें आपके जवाब का इंतजार रहेगा।

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Reena Arya

रीना आर्य एक ज्वलंत और साहसी पत्रकार व लेखिका है। वे समयधारा.कॉम की एडिटर-इन-चीफ और फाउंडर भी है। लेखन के प्रति अपने जुनून की बदौलत रीना आर्य ने न केवल बड़े-बड़े ब्रांड्स में अपने काम के बल पर अपनी पहचान बनाई बल्कि अपनी काबलियत को प्रूव करते हुए पत्रकारिता के पांच से छह साल के सफर में ही अपने बल खुद एक नए ब्रैंड www.samaydhara.com की नींव रखी।रीना आर्य हर मुद्दे पर अपनी बेबाक राय रखने पर विश्वास करती है और अपने लेखन को लगभग हर विधा में आजमा चुकी है

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