breaking_newsHome sliderअन्य ताजा खबरेंफैशनलाइफस्टाइल

वैज्ञानिक कारण..! एक गोत्र में शादी क्यूँ नहीं.. (बरसों पुराने इतिहास का सच)

हम रोज आपको भारत से जुडी कुछ अति प्राचीन  वैज्ञानिक बाते बताएँगे जिससे आप यह जान सके की सिर्फ धर्म-कर्म से ही नहीं हमारे पूर्वज बहुत ही ज्ञानी और बहुत ही दूर की सोचते थे l आज हमारे प्राचीन इतिहास की वजह से ही हम विश्व में अपनी एक अलग पहचान बनाने में कामयाब हुए है l यहाँ यह बताना भी जरुरी है की  सोशल मीडिया से प्राप्त वायरल मेसेज हमें कितना सत्य की और ले जाते है l यहाँ सिर्फ और सिर्फ यह बताने का प्रयास किया गया है की हमारी प्राचीन सभ्यता कितनी समृद्ध और विकसित थी l   यहाँ हम किसी भी धर्म का प्रचार प्रसार नहीं कर रहे है l हम भारत के उन महान लोगों की जानकारी दे रहे है जिनके बारे में उन्होंने कई वर्षों पहले नियम बनाये थे l आज का हमारा टॉपिक है …..

एक गोत्र में शादी क्यूँ नहीं..
वैज्ञानिक कारण..!

एक दिन, 
जेनेटिक बीमारियों से
सम्बन्धित एक ज्ञानवर्धक मेसेज मेरे मोबाइल पर आया l 

एक वैज्ञानिक ने कहा की

जेनेटिक बीमारी न हो
इसका एक ही इलाज है
और वो है
“सेपरेशन ऑफ़ जींस”
मतलब अपने नजदीकी रिश्तेदारो में
विवाह नही करना चाहिए
क्योकि
नजदीकी रिश्तेदारों में
जींस सेपरेट (विभाजन) नही हो पाता
और
जींस लिंकेज्ड बीमारियाँ जैसे
हिमोफिलिया, कलर ब्लाईंडनेस, और
एल्बोनिज्म होने की
100% चांस होती है ..

फिर बहुत ख़ुशी हुई
जब उसी कार्यक्रम में
ये दिखाया गया की
आखिर
“हिन्दूधर्म” में
हजारों-हजारों सालों पहले
जींस और डीएनए के बारे में
कैसे लिखा गया है ?
हिंदुत्व में गोत्र होते है
और
एक गोत्र के लोग
आपस में शादी नही कर सकते
ताकि
जींस सेपरेट (विभाजित) रहे.. 
उस वैज्ञानिक ने कहा की

आज पूरे विश्व को मानना पड़ेगा की
“हिन्दूधर्म”
“विज्ञान पर आधारित” है !

(इनपुट सोशल मीडिया से)

Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: