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#GanpatiBappaMorya:आज है गणेश चतुर्थी,ऐसे करें बप्पा को स्थापित,जानें शुभ मुहूर्त,पूजा विधि

भाद्रपद मास की चतुर्थी (13 सितंबर) से लेकर चतुर्दशी (23 सितंबर ) तक गणेश चतुर्थी मनाई जाती है

नई दिल्ली,13 सितंबर: #GaneshChaturthi2018,#GanpatiBappaMorya:आज गणपति बप्पा को देशवासी धूमधाम से अपने घर ला रहे है। भाद्रपद मास की चतुर्थी (13 सितंबर) से लेकर चतुर्दशी (23 सितंबर ) तक गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। 

कहा जाता है कि गणपति बप्पा (#GanpatiBappaMorya)10 दिन अपने भक्तों के घर में रहते है और उनकी तकलीफों को दूर करके सुख के आगमन का आशीर्वाद देते है।

इसीकारण गणेश चतुर्थी के दिन लोग अपने घरों में गणेश जी की स्थापना करते है और पूरे 10 दिन बाद उनका विसर्जन करते है।

कुछ लोग डेढ़ दिन, ढ़ाई दिन या फिर दस दिन के गणपति भी लाते है यानि जिसकी जैसी श्रद्धा वैसा गणपति की पूजा के लिए उनका तरीका।

मुख्य रूप से गणेश चतुर्थी को महाराष्ट्र और मुंबई में धूमधाम से मनाया जाता है लेकिन काफी समय से देशभर में इस त्यौहार की धूम मच चुकी है।

अगर आप भी अपने घर में आज गणपति को विराजित करना चाहते है तो जानें कैसे करनी है उनकी स्थापना और पूजा विधि

लंबोदर को आज लेने जाने से पहले आप नए वस्त्र पहनें। फिर एक चांदी की थाली में स्वास्तिक या सत्य का चिन्ह्न बनाकर गणपति को उसमें स्थापित करें और घर ले आएं।

अगर आपके पास चांदी की थाली न हो तो पीतल या तांबे का बर्तन भी इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर गणेश जी की मूर्ति बड़ी है तो आप हाथ में लेकर भी आ सकते है।

घर में गणपति बप्पा को लाकर मंगलगान करें और कीर्तन व पूजा करें। साथ ही बप्पा को लड्डूओं का भोग भी  लगाएं।

आज आप इस समय अपने घर गणपति को विराजमान करें। कुमकुम से स्वास्तिक बनाएं। चार हल्दी की बंद लगाएं। एक मुट्ठी अक्षत रखें। इस पर छोटा बाजोट, चौकी या पटरा रखें।

लाल, केसरिया या पीले वस्त्र को उस पर बिछाएं। रंगोली, फूल, आम के पत्ते और अन्य सामग्री से स्थान को सजाएं। तांबे का कलश पानी भर कर, आम के पत्ते और नारियल के साथ सजाएं। यह तैयारी गणेश उत्सव के पहले कर लें।

गजानन को घर में स्थापित करने से पहले पूजा स्थल की सफाई करें और फिर एक साफ सी चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर उस पर अक्षत रखें और इस पर बप्पा को विराजमान करें।

अब गणपति को दूर्वा या पान के पत्ते की मदद से गंगाजल से स्नान करवाएं। अब गजानन को पीले वस्त्र पहनाएं या फिर आप चाहे तो मोली या कलावा का वस्त्र बनाकर भी बप्पा को पहना सकते है।

इतना करने के बाद, गणपति को रोली से टीका या तिलक कर अक्षत लगाए, फूल चढ़ाएं और लड्डूओं का भोग लगाएं।

गणेश चतुर्थी पूजा का शुभ मुहूर्त (GaneshChaturthi2018 Puja Shubh Muhurat)

13 सितंबर मध्याह्न गणेश पूजा का समय – सुबह 11:03 से दोपहर 13:30

13 सितंबर को, चन्द्रमा नहीं देखने का समय – सुबह 9:31 से रात 21:12

कहा जाता है कि गणेश जी की पूजा-अर्चना करने से आपके जीवन में कोई विघ्न,बाधा नहीं रहती और आपके जीवन व घर में शुभ का आगमन होता है। यही कारण है कि हिंदू धर्म में किसी भी शुभ काम को करने से पहले गणपति की पूजा की जाती है।

#GanpatiBappaMorya- गणपति को विराजमान करते समय इन बातों का रखें ध्यान

  1. बप्पा के बाई ओर जल से भरा कलश रखें।
  2. गेहूं या चावल के ऊपर स्थापित करें।
  3. अब मौली को कलश पर बांधें व आमपत्र के साथ एक नारियल भी गणपति के मुख पर रखें।
  4. जहां गणेश जी को विराजित किया है,वहां से सीधे हाथ की ओर आप घी का दीया या  दीपक व दक्षिणावर्ती शंख रखें।
  5. गणपति बप्पा का जन्म  मध्याह्न में हुआ था, इसलिए उन्हें स्थापित भी मध्याह्न में ही करें।
  6. 10 दिन लगातार गणपति की पूजा -अर्चना करें।
  7. अपनी पूजा का समय नियमित रखें। साथ ही जाप माला की संख्या भी नियत रखें।
  8. गणपति के पास बैठकर उनसे बातचीत करें और मंत्रोच्चारण करें व अपने कष्ट और दुख-दर्द उनसे कहें।
  9. ध्यान रहें कि गणपति की पूजा के साथ-साथ पूरे शिव परिवार की पूजा जरूर करें।

समयधारा की ओर से सभी पाठकों को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं!

 

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