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Holi 2019: कई सालों के बाद होली पर बन रहा है ऐसा सुखद संयोग कि दूर हो जाएंगे आपके सभी संकट

बताया जा रहा है कि इस वर्ष की होली पर कई ऐसे संयोग बनते दिख रहे हैं जिससे बाधा, विध्न, रोग, दुख, कष्ट क्लेश आदि दूर हो सकते हैं

नई दिल्ली, 15 मार्च: Holi 2019:Holi rare muhurat: पूरी दुनिया में जहां कहीं भी सनातन धर्म को मानने वाले रहते हैं, वहां होली (Holi 2019) का त्यौहार अवश्य मनाया जाता है। होली रंगों का त्यौहार है, होली आनंद का त्यौहार है।

हिंदू धर्म की यह विशेषता है कि यहां दुश्मनों को भी दोस्त बनाने के लिए त्यौहार बनाए गए है। वैसे तो हर कोई इस त्यौहार का शिद्दत से इंतजार करता है और आनंद लेता है लेकिन ज्योतिष मामलों के विशेषज्ञों के अनुसार इस वर्ष की होली पर कई दुर्लभ संयोग दिखाई दे रहे हैं।

वर्ष 2019 की होली

इस बार होली चैत कृष्ण प्रतिपदा तद्नुसार 21 मार्च, गुरुवार को हो रही है होली से एक दिन पूर्व होलिका दहन मनाया जाता है।

बताया जा रहा है कि इस वर्ष की होली पर कई ऐसे संयोग बनते दिख रहे हैं जिससे बाधा, विध्न, रोग, दुख, कष्ट क्लेश आदि दूर हो सकते हैं।

इसके लिए जातकों को विधि विधान से होलिका दहन की पूजा शुभ मुहूर्त में करनी होगी। इससे उन्हें इस दुर्लभ संयोग का संपूर्ण लाभी मिल सकता है। पंडित अलख निरंजन त्रिवेदी के अनुसार 14 मार्च से होलाष्टक की शुरुआत हो रही है। सात साल के बाद ऐसा हो रहा है कि इस वर्ष की होली वृहस्पति गुरु के प्रभाव में गुरुवार को होली का त्योहार मनाया जाएगा। ये संयोग शुभ और मंगल फलदायक साबित होने वाला है। विशेष तौर पर राजनीतिज्ञों और राजनयिकों के लिए यह साल विशेष मंगलकारी होने जा रहा है।

 होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

वर्ष 2019 की होली के लिए काशी विद्वत परिषद की ओर से जो मुहूर्त जारी किया गया है उसके अनुसार 20 मार्च की रात को 20:57 से लेकर 00:28 तक होलिका दहन का शुभ संयोग बनता दिख रहा है भद्रा पूंछ का समय शाम 17:23 से लेकर 18:24 तक और भद्रा मुख 18:24 से 20:07 तक है। पूर्णिमा तिथि का आरंभ 20 मार्च को 10:44 से लेकर 07:12 तक एवं समापन 21 मार्च 07:12 तक माना जाता है

 हिंदू नववर्ष का पहला दिन होली

होली के दिन को हिंदू कैलेंडर के नव वर्ष का प्रथम दिन माना जाता है सरल शब्दों में कहें तो हिंदुओं के लिए होली ही न्यू ईयर का दिन होता है

इस वर्ष होली फाल्गुनी नक्षत्र में मनाया जाएगा। यह नक्षत्र सूर्य का सूचक होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य तरक्की, खुशहाली और सम्मान का प्रतीक माना जाता है। विद्वानों के अनुसार इस संयोग की वजह से सालों भी सूर्य की कृपा पृथ्वीवासियों को प्राप्त होगी।

कला संस्कृति वालों के लिए उत्तम

पंडित जी के अनुसार इस वर्ष की होली में समस्त सातों ग्र्रह एक ही स्थान पर गोचर करेंगे। इसे वीणा योग का संयोग कहा जाता है। जिस वर्ष होली पर ऐसी स्थिति बनती है, वह वर्ष गायन, वादन, नृत्य, चित्रकारी आदि करने वालों में दक्षता का गुण प्रवेश करता है और वो तरक्की करते हैं।

होलिका भस्म लाएगा खुशहाली

वर्ष 2019 में होलिका दहन पूर्वा फाल्गुन नक्षत्र में पड़ रहा है। इस नक्षत्र का स्वामी शुक्र होता है। शुक्र आनंद, हर्ष, उल्लास, खुशहाली और वैभव का कारक होता है। इस वर्ष की होलिका के भस्म से जो भी स्नान करेगा या उबटन लगाएगा, उसके जीवन में धन लाभ तो मिलेगा ही, आरोग्य की भी प्राप्ति होगी।

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