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होली के समय में भूल कर भी न करें ये काम अन्यथा जीवन हो सकता है कष्टमय

होली त्यौहार (Holi festival) से जुड़े नियमों की अनदेखी करना सही नहीं है....

नई दिल्ली, 16 मार्च: Holi festival do’s and donts- सनातन धर्म एवं संस्कृति में हर त्यौहार का अपना पौराणिक महत्व है। कोई भी त्यौहार ऐसे ही या बेवजह नहीं है। सबके पीछे कोई न कोई रहस्य छिपा हुआ है। हर त्यौहार के पीछे किसी न किसी देवी देवता से जुड़ी मान्यताएं हैं। होली (Holi festival) भी इससे अलग नहीं है। वैसे तो होली (Holi) को मौज मस्ती और हंसी ठिठोली का त्यौहार माना जाता है लेकिन इस त्यौहार पर भी वैदिक परंपराओं का पालन (Holi festival do’s and donts) करना चाहिए।

मस्ती के मूड में इस दिन लोग कई काम नियमों के विपरीत करते हैं, इससे परहेज करना चाहिए। होली त्यौहार (Holi festival) से जुड़े नियमों की अनदेखी करना सही नहीं है। आज हमको विस्तार से बताने जा रहे हैं कि इस पर्व के पौराणिक नियम कानून क्या हैं:

  1. होली के दिन शराब या मांस का सेवन कर देवता को रंग, अबीर या गुलाल अर्पित न करें। चूंकि होली के दिन लोग अक्सर मांस, मदिरा का सेवन करते हैं, इसलिए बेहतर यही होगा कि प्रातःकाल उठकर स्नानादि से निवृत होकर अपने कुल देवता या आराध्य देवता को अबीर गुलाल अर्पित करें और उसके बाद ही दोस्त, साथियों के साथ आनंद लें।
  2. होली के दिन कई लोग मांस का सेवन भी करते हैं। कभी भी होली के दिन घर में मछली की बलि न दें या मछली का सेवन न करें।
  3. कभी भूलकर भी होली के दिन तांत्रिक क्रियाएं या अनुष्ठान न करें और न कराएं। होली के दिन कोई भी तांत्रिक क्रिया विपरीत प्रभाव डालती है। ये जातक के लिए दुष्प्रभाव का कारण बन जाता है।
  4. होली के दिन तिजोरी या दुकान के गल्ले में कोई भस्म या भभूत न डालें। ऐसा करने से वर्ष भर आपका व्यापार एवं धन दौलत से जुड़ी परेशानियां आती रहती है।
  5. होली के दिन कोई हीरे, जवाहरात या गहनों की खरीदारी न करें। इस दिन खरीदा गया कोई भी आभूषण कष्ट का कारण बन जाता है।
  6. होली के दिन कोई नया वाहन या धातु से जुड़ा हुआ कोई उत्पाद न खरीदें। होली के दिन इस तरह की कोई भी खरीद आपकी परेशानी का सबब बन सकती है।
  7. होली मनाने से पहले इस बात का अवश्य ही ध्यान रखा जाना चाहिए कि उस दिन भद्रा न हो। भद्रा के दौरान होली मनाना अशुभ माना जाता है।
  8. होलिका दहन किसी भी समय पर नहीं करना चाहिए बल्कि बताएं गए शुभ और शुद्ध मुहूर्त में ही होलिका में अग्नि भेंट करनी चाहिए।
  9. होलिका के वृक्ष में कभी भी कोई गंदा या धुआं देने वाला पदार्थ न डालें। ऐसा करना शास्त्र और स्वास्थ्य के हिसाब से हानिकारक होता है।
  10. होली के दिन से आठ दिन पहले से होलाष्टक का समय शुरु हो जाता है जो पूर्णिमा के दिन तक रहता है। इस 08 दिन को साल का सबसे अशुभ समय माना जाता है, इसलिए भूल कर भी इन 08 दिनों में कोई भी मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि इस कालखंड में नकारात्मक शक्तियां ज्यादा प्रभावशाली हो जाती हैं।

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