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करवाचौथ के इन स्पेशल घरेलू हर्बल नुस्खों से आप बन जायेगी बला की खुबसूरत

करवाचौथ के दिन महिलाओं में सजने-संवरने का बहुत क्रेज होता है....महंगे सौंदर्य प्रसाधनों की बजाय घरेलू हर्बल प्रसाधनों के उपयोग से आप हुस्न की मलिका बन सकती हैं,

Karwa Chauth Special Gharelu Herbal Nuskhe

नई दिल्ली, (समयधारा) : करवाचौथ पर कौन सी ऐसी महिला है जो अपने आप को खुबसूरत दिखाना नहीं चाहेंगी l 

करवाचौथ के दिन महिलाओं में सजने-संवरने का बहुत क्रेज होता है। 

ऐसे में महंगे सौंदर्य प्रसाधनों की बजाय घरेलू हर्बल प्रसाधनों के उपयोग से आप हुस्न की मलिका बन सकती हैं

और आप दमकती नजर आएंगी, चाहे मौसम का मिजाज कुछ भी हो।

कहा जाता है कि इस दिन व्रत रखने से महिलाओं के सौंदर्य में चांद जैसा निखार उभरता है।

सौंदर्य विशेषज्ञ शहनाज हुसैन का कहना है कि हालांकि आजकल महिलाओं में सजने संवरने में ब्यूटी पार्लर

और मॉल का प्रचलन शुरू हो गया है, लेकिन अगर आप सचमुच सबसे अलग दिखना चाहती हैं तो

इस त्योहार की तैयारियां हफ्ते भर पहले कर लें तथा घरेलू हर्बल प्रसाधनों के उपयोग करें। 

Karwa Chauth Special Gharelu Herbal Nuskhe

उन्होंने कहा कि करवाचौथ से तीन दिन पहले हाथों तथा पांवों की सुंदरता पर फोकस करने के बाद मेहंदी लगाएं।

मेहंदी लगाने के दो घंटे बाद नींबू और चीनी के मिश्रण से इसे हटा दें।

उन्होंने कहा कि आप अपनी त्वचा को साफ करके उस पर सनस्क्रीन तथा माइस्चराइजर का प्रयोग कीजिए।

तैलीय त्वचा के लिए एस्ट्रीजंट लोशन का प्रयोग करने के बाद पाउडर लगाएं।

तैलीय त्वचा के लिए ज्यादा पाउडर का प्रयोग मत करें तथा चेहरे के तैलीय भागों पर ही ध्यान दें।

पूरे चेहरे तथा गर्दन पर हल्की गीली स्पंज से पाऊडर का प्रयोग करें।

इससे चेहरे का सौंदर्य लंबे समय तक बना रहता है। दो चम्मच गेहूं का चोकर,

एक चम्मच बादाम तेल, दही, शहद और गुलाबजल का पेस्ट बनाकर इसे चेहरे पर लगाकर

20 मिनट बाद धोने से चेहरे की सुंदरता निखर जाती है तथा चेहरा खिला खिला रहता है।

Karwa Chauth Special Gharelu Herbal Nuskhe

हर्बल क्वीन के नाम से मशहूर शहनाज हुसैन ने कहा कि अगर आप फाउंडेशन का प्रयोग करना चाहती हैं

तो केवल जल आधरित फाउंडेशन का ही प्रयोग करें तथा हल्के कवरेज के लिए एक या दो बूंद पानी प्रयोग में ला सकती हैं।

फाउंडेशन जितना भी संभव है, आपकी त्वचा के रंग से मेल जोल खाती होनी चाहिए तथा उसके बाद पाउडर का उपयोग करें।

चेहरे पर प्राकृतिक आभा के लिए अच्छी तरह ब्लैड करके गालों को ब्लशर से चमकाएं।

आंखों की सुंदरता के लिए अपनी पलकों को पेंसिल या काजल से चमकाएं।

आंखों पर कोमल प्रभाव के लिए पलकों पर भूरी या स्लेटी आई शैडों का प्रयोग करें तथा इसके बाद

मस्कारा का प्रयोग करें, जिससे आंखों पर चमक आ जाएगी तथा मेकअप में भारीपन की दिखावट भी नहीं होगी।

मस्कारा को एक भारी मुलम्मे की बजाय दो हल्की तहों में करना चाहिए।

पहला कोट करने के बाद इसे सूखने दें तथा इसे कंघी या ब्रश कर लें। इसके बाद दूसरा कोट कीजिए तथा पहली प्रक्रिया को दोहराइए।

इसके बाद दूसरा कोट कीजिए तथा पहली प्रक्रिया को दोहराइए। लिपस्टिक की सुंदरता के लिए घने गहरे रंगों का उपयोग न करें,

Karwa Chauth Special Gharelu Herbal Nuskhe

क्योंकि चमकीली लाइट में यह ज्यादा गहरे दिखाई देते हैं, जिससे आपकी आभा पर विपरीत असर दिखाई देता है। 

सौंदर्य पर चार चांद लगाने के लिए गुलाबी, ताम्रवर्णी, कांस्यवर्णी रंगों का प्रयोग करें।

नारंगी रंग या नारंगी शेड का प्रयोग फैशन का नया प्रचलन है।

विकल्प के तौर पर आप हल्के बैंगनी तथा गुलाबी रंगों का प्रयोग भी कर सकती है,

लेकिन यह सभी रंग अत्यधिक चमकीले नहीं होने चाहिए। 

अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शहनाज हुसैन ने कहा कि बिंदी करवाचौथ के सौंदर्य का अभिन्न अंग मानी जाती है।

अपनी पोशाक से मिलते जुलते रंग की सजावटी बिंदी का प्रयोग करें।

छोटे चमकीले रत्नों से जड़ित बिंदी काफी आर्कषक लगती है।

अपने सौंदर्य में इत्र लगाना कभी न भूलें, क्योंकि यह सोने पर सुहागे का काम करता है। 

उचित जीवनशैली अपनाने से चहेरे पर चमक तथा उत्साह की झलक मिलती है।

तेजस्वी आभा के लिए उचित पोषाहार, व्यायाम, पर्याप्त नींद, तथा विश्राम अत्यंत आवश्यक है।

त्योहार से कुछ हफ्ते पहले हल्का व्यायाम तथा पैदल चलने की आदत डालनी चाहिए।

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पैदल चलना शारीरिक तथा मानसिक स्वस्थ्य दोनों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होता है।

मन की शांति तथा स्वास्थ्य के लिए लंबी गहरी सांसें सबसे ज्यादा लाभप्रद मानी जाती है।

सौंदर्य विशेषज्ञ शहनाज हुसैन ने कहा कि करवाचौथ में मुख्यता परंपारिक पोशाकों तथा परिधनों को ही पसंद किया जाता है,

क्योंकि इनका संबंध व्रत तथा पूजा-अर्चना से सीधे तौर पर जुड़ा है।

हालांकि बदलते आधुनिक परिवेश में फिल्मों तथा फैशन का प्रभाव भी कुछ हद तक इस व्रत में दिखने में मिल जाता है।

(इनपुट समयधारा के पुराने पन्नो से)

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