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Navratri 2018: आज से शुरू हुआ नवरात्रि पर्व, पहले दिन ऐसे करें घटस्थापना

नवरात्र के दिनों में मां आदि शक्ति के नौ रूपों का पूजन नौ दिन तक किया जाता है

नई दिल्ली 10 अक्टूबर: Navratri 2018– इस बार नवरात्रि  आज (10 अक्टूबर) से शुरू हो रहे हैं। नवरात्र (Navratri) के दिनों में मां आदि शक्ति के नौ रूपों का पूजन नौ दिन तक किया जाता है। हर दिन एक रूप की पूजा की जाती है।

सालभर में दो बार नवरात्र आते हैं। चैत्र नवरात्र और शारदीय नवरात्र। चैत्र नवरात्र मार्च-अप्रैल के महीने में शुरू होते हैं जबकि शारदीय नवरात्र पितृपक्ष (श्राद्ध) के बाद सितंबर-अक्टूबर के महीने में आते हैं। शारदीय नवरात्र की नौ दिन की पूजा के बाद दशहरा मनाया जाता है।

Navratri 2018: नवरात्रि में इन देवियों की होती है पूजा-

  • देवी शैलपुत्री
  • मां ब्रह्मचारिणी
  • मां चंद्रघंटा
  • मां कुष्मांडा
  • मां कात्यायनी
  • स्कंदमाता
  • मां कालरात्रि
  • मां गौरी और रामनवमी की पूजा करनी है
  • रामनवमी के दिन मां गौरी के पूजन के बाद 9 कन्याओं और 2 कंजक को भेाजन करवाया जाता है। हालांकि आप पूरे नौ दिन भी कन्याओं को भोजन करवा सकते हैं।

पूजन सामग्री और पूजा की तैयारी-

  • शुद्ध रोली और कुमकुम
  • साबुत लौंग का जोड़ा
  • सुपारी
  • पान
  • अक्षत
  • पंच मेवा
  • शहद
  • ताजा दूध
  • ताजा जल
  • गंगाजल
  • कलश
  • आम के पत्ते
  • आल्ता
  • फूल
  • धूप, अगरबत्ती, कपूर
  • दीपक मिट्टी और पीतल का हो सकता है। रोजाना पंच दीपक जलाएं और संभव हो सके तो आटे का दीपक जलाएं। अखंड ज्योत के लिए देसी घी और बड़ा दीपक रखें।
  • रोजाना ताजा फूल और ताजा फूल मालाएं लाएं। मां के चरणों में और घर की सुहागिन स्त्रि‍यां आल्ता लगाएं।
  • पकवान और मिष्ठान दूध और दही से बनाएं।
  • पूरे घर में अच्छी तरह से साफ-सफाईं करें।

घटस्थापना-

नवरात्र के दिन घटस्थापना की जाती है। हर बार घटस्थापना का मुहुर्त समय अलग-अलग होता है। आपको निर्धारित समय पर ही घटस्थापना करनी चाहिए। चलिए जानते हैं घटस्थापना कैसे करें। पौराणिक कथाओं और शास्त्रोंनुसार कलश को सुख-समृद्धि, वैभव और मंगल कामनाओं का प्रतीक माना गया है। ये भी माना जाता है कि कलश के मध्य में दैवीय शक्तियां निवास करती हैं। इसलिए घटस्थापना की जाती है।

घटस्थापना के लिए सामग्री-

  • एक कलश (मिट्टी,सोना, चांदी, तांबा या पीतल) और इसकी ढकने वाली प्लेट।
  • अक्षत
  • सिक्के (चांदी, सोना या रूपया)
  • मिट्टी का कटोरा
  • जौ
  • शुद्ध जल (सामान्यस जल, गंगाजल)
  • पानी वाला नारियल इसके लपेटने के लिए लाल कपड़ा या मोली
  • इत्र (गुलाब जल या सुगंधित जल)
  • साबुत सुपारी
  • दूर्वा
  • पंचरत्न
  • आम के पत्ते
  • फूल माला

घटस्थापना कैसे करें-

पूजा स्थ‍ल पर पानी डालकर कपड़े से साफ करें। इसके बाद गंगाजल छिड़के। इसके बाद नया या साफ लाल कपड़ा बिछाएं। थोड़े अक्षत रखते हुए गणेश जी का आह्वान करें। कलश के मुंह पर मोली बांधें और स्वास्तिक या ऊं बनाएं। नारियल पर स्वास्तिक या ऊं बनाकर मोली या लाल कपड़ा बांधे। कलश के अंदर सुपारी, दूर्वा, फूल, सिक्का डालें। कलश के मुंह पर आम के पत्ते रखें और ऊपर से लाल कपड़ा बंधा नारियल रख दें। जौ के पात्र में मिट्टी पहले से डलवा लें और फिर इसमें पानी डालकर जौ बोएं। इसके बाद देवी-देवताओं से नौ दिन तक कलश में विराजमान होने का आह्वान करें।

दीपक, अगरबत्ती, धूप और कपूर जलाकर कलश की पूजा करें और कलश पर फूल और माला चढ़ाकर इत्र, मिठाई और पकवान का भोग लगाएं।

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