Saturday Thoughts: जुल्म की दास्तान पत्रकार लिखते कम है…

Saturday-thoughts-prernadayak-Suvichar-good-morning-images-inspirational-quotes-in-hindi   जुल्म की दास्तान पत्रकार लिखते कम है आजकल खबरें ज्यादा अख़बार बिकते कम है जब जब एक हुई आवाज़ ज़ुल्म के खिलाफ इतिहास गवाह है अत्याचारी टिकते कम है Sunday Thoughts:माना की वक्त सता रहा है,मगर कैसे जीना है वो भी तो बता रहा है,मुझे गिरते हुए पत्तों ने ये समझाया है, बोझ … Continue reading Saturday Thoughts: जुल्म की दास्तान पत्रकार लिखते कम है…