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शनिदेव-शनिवार और पीपल का वृक्ष, करें ऐसे पूजा-होंगे सभी काम जल्द पूरें

'ब्रह्म पुराण' - 'पद्म पुराण' आदि में छुपें शनिदेव को प्रसन्न करने के उपाय

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नई दिल्ली,(समयधारा) : भारत देश विविध परम्पराओं और न जाने कई गहन धर्म-कर्मकांड व अनगिनत उपायों-रहस्यों से भरा हुआ है l 

यहाँ सिर्फ पूजा पाठ करने से ही कई विपदाओं से हमेशा के लिए छुटकारा पाया जा सकता है l

तो पूजा-पाठ करने से आपके सभी कार्य सिद्ध हो सकते है l 

इन पूजाओं को बहुत से पंडित व विद्वान लोगों ने समय-समय पर आपको बताया भी है l

पर बहुत से लोगों को पूजा की विधि नहीं पता l

सोमवार से लेकर रविवार यानि की सप्ताह के साथ दिनों में सभी देवताओं को प्रसन्न करने का रहस्य छुपा है l 

हर वार/दिन का अपना अलग ही महत्व है l आज हम आपको शनिवार के दिन शनिदेव व पीपल के वृक्ष से सर्व कार्य सिद्धि उपाय के बारें में बताएँगे l 

विशेष – ब्रह्म पुराण’ के 118 वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं

‘मेरे दिन अर्थात् शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे,

उनके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा मुझसे उनको कोई पीड़ा नहीं होगी।

जो शनिवार को प्रातःकाल उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होगी।’ (ब्रह्म पुराण’)

(2) शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय।’

का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है। (ब्रह्म पुराण‘)

हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है ।(पद्म पुराण)

(3) नौकरी – व्यवसाय में सफलता, आर्थिक समृद्धि एवं कर्ज मुक्ति हेतु कारगर प्रयोग

शनिवार के दिन पीपल में दूध, गुड, पानी मिलाकर चढायें एवं प्रार्थना करें – ‘हे प्रभु !

आपने गीता में कहा है कि वृक्षों में पीपल मैं हूँ । हे भगवान ! मेरे जीवन में यह परेशानी है ।

आप कृपा करके मेरी यह परेशानी (परेशानी, दुःख का नाम लेकर ) दूर करने की कृपा करें ।

पीपल का स्पर्श करें व प्रदक्षिणा करें ।

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Radha Kashyap

राधा कश्यप लेखन में अपनी रुचि के चलते काफी समय से विभिन्न पब्लिशिंग हाउसेज में काम करती रही है और अब समयधारा के साथ एक लेखिका के रूप में जुड़ी हुई है।

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