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फिर होगी 31 अगस्त को पत्थरबाजी,Police फिर देगी सुरक्षा.!!,भगवान फिर होंगे कैद.!!!

विश्व प्रसिद्ध गोटमार मेला होगा इस बार 31 अगस्त को मजबूत सुरक्षा के बीच होगी पत्थरबाजी

Gotmar-Mela 2019-Pandhurna -Chhindwara-Stone-Throwing

पांढुर्ना/छिंदवाड़ा,16 अगस्त (समयधारा) l पांढुरना कस्बे में हर वर्ष भादो मास के कृष्ण पक्ष में अमावस्या पोला त्योहार के दूसरे दिन पत्थरबाजी होती है, 

जिसे गोटमार(पत्थरबाजी) कहा जाता है l यह परंपरा विश्वप्रसिद्ध है, वह पिछले 300 सालों से चली आ रही है l

इस पत्थरबाजी में करीब-करीब 12 लोगों की मौत हो चुकी है वह कई लोग घायल हुए है l पर इन सबके बावाजूद 

यह परंपरा अभी तक जारी है l पर समय के साथ इस परंपरा में कोर्ट ने सुरक्षा के लिहाज से कुछ बदलाव भी किया है l

रस्सी से बांधकर पत्थर मारने की परंपरा जिसे गोफन कहा जाता है उस पर प्रतिबंध लगाया गया है l 

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में मोहब्बत के लिए जान देने वाले प्रेमी युगल की याद में,

31 अगस्त शनिवार अपराह्न तीन बजे से गोटमार मेले में पत्थरबाजी का दौर चलेगा।

प्रशासन की तरफ से इस साल भी सुरक्षा के भारी बंदोबस्त किए जाने के साथ मेला क्षेत्र में निषेधाज्ञा लगा दी जायेगी l 

छिंदवाड़ा जिले के पांढ़ुर्ना कस्बे में पोला त्योहार के दूसरे दिन जाम नदी के किनारे यह मेला लगता है।

इस मेले को गोटमार मेला कहा जाता है। पुरानी मान्यता के अनुसार, सावरगांव का एक लड़का पांढुर्ना की लड़की से प्यार करता था,

और वह लड़की को भगा ले जाता है। इसी पर दोनों गांव के लोगों के बीच जमकर पत्थर चलते हैं,

और इसमें प्रेमी युगल की नदी के बीच में ही मौत हो जाती है। इन्ही दोनों की याद में हर साल गोटमार मेला आयोजित किया जाता है।

Gotmar-Mela 2019-Pandhurna -Chhindwara-Stone-Throwing

परंपरा के मुताबिक, जाम नदी के बीच में एक झंडा लगाया जाता है। नदी के दोनों किनारों पर गांव के लोग खड़े होकर,

उस झंडे को गिराने के लिए पत्थर चलाते हैं। जिस गांव के लोग झंडे को गिरा देते हैं, वे विजेता माने जाते हैं।

छिंदवाड़ा के पांढुर्ना में परंपरा के मुताबिक, चंडीमाता के मंदिर के करीब जाम नदी पर,

सावरगांव और पांढुर्ना के लोगों के बीच गोटमार (गोट से आशय पत्थर) मेले में पत्थरबाजी होती आई है।

इसी क्रम में शनिवार को भी यहां गोटमार मेला लगाया जाएगा। 

मेले के दौरान पत्थरबाजी रोकने के व्यापक प्रबंध किए जायेंगे। करीब एक हजार पुलिस जवानों की तैनाती की जायेगी।

(इनपुट सोशल मीडिया से)

Gotmar-Mela 2019-Pandhurna -Chhindwara-Stone-Throwing

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भारत में इस जगह होती है खुले आम पत्थरबाजी..! पुलिस वाले खुद करते है पत्थरबाजों की सुरक्षा..!

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Radha Kashyap

राधा कश्यप लेखन में अपनी रुचि के चलते काफी समय से विभिन्न पब्लिशिंग हाउसेज में काम करती रही है और अब समयधारा के साथ एक लेखिका के रूप में जुड़ी हुई है।

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