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इस जमीन पर सोते ही महिलाएं हो जाती है प्रेग्नेंट, जानें रहस्य

ऐसी मान्यता है कि अगर महिला हिमाचल प्रदेश के संतान दात्री मंदिर की जमीन यानि फर्श पर जाकर सोती है तो कुछ ही समय में उसकी गोद भर जाती है (तस्वीर,साभार-गूगल सर्च)

नई दिल्ली,3 फरवरी:चमत्कार को ही सब नमस्कार करते है। कुछ लोग चमत्कारों में विश्वास करते है और कुछ इसे केवल अफवाह या भ्रम मानकर झुठला देते है। लेकिन जिनकी जिंदगी सच में किसी चमत्कार से बदल जाती है वे मानते है कि सच में चमत्कार होते है और ऐसा ही एक चमत्कार होता है- हिमाचल के एक मंदिर में। जी हां, शायद आपको विश्वास न हो लेकिन लौकिक जगत में ये अलौकिक चमत्कार होता है, ऐसा स्थानीय लोगों की मान्यता है। दरअसल, अगर कोई महिला शादी के लंबे समय के बाद भी प्रेग्नेंट नहीं हो पा रही हो तो ऐसी मान्यता है कि अगर वह महिला हिमाचल प्रदेश के संतान दात्री मंदिर की जमीन यानि फर्श पर जाकर सोती है तो कुछ ही समय में उसकी गोद भर जाती है।

हमारे समाज में ऐसे बहुत से दंपत्ति है जिन्हें किन्हीं भी कारणों के चलते संतान की प्राप्ति नहीं हो पाती और ऐसे में समाज व परिवार दोष केवल महिला को ही देता है। इसके लिए ओझा,नीम-हकीम,टोने-टोटके सभी किए जाते है लेकिन ये मंदिर एक ऐसा स्थान है जहां केवल आस्था रखने मात्र से ही महिला गर्भवती हो जाती है।

माता सिमसा देवी (तस्वीर,साभार-गूगल सर्च)

गौरतलब है कि ये मंदिर हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के लड़भडोल तहसील के सिमस गांव में स्थित सिमसा मंदिर है। इस मंदिर को लेकर ऐसी मान्यता है कि अगर बेऔलाद महिलाएं यहां फर्श पर सोती है तो उन्हें संतान प्राप्ति होती है। इस मंदिर में नि:संतान महिलाएं नवरात्री के दिनों में पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से आती है क्योंकि ये राज्य हिमाचल के पड़ोसी राज्य है और कहा जाता है कि सैकड़ों नि:संतान महिलाओं को यहां देवी मां की कृपा से संतान की प्राप्ति भी हुई है।इसी कारण सिमसा माता या सिमसा देवी के इस मंदिर को संतान दात्री भी कहा जाता है क्योंकि प्रत्येक वर्ष यहां बेऔलाद दंपत्ति औलाद पाने की इच्छा लेकर माता के दरबार में आते है और मान्यता है कि सिमसा देवी उन्हें निराश नहीं करती और उन्हें संतान सुख दे देती है।

सिमसा माता सपने में आकर महिला को कंद-मूल या फल प्राप्ति का आशीर्वाद देती है और उसके बाद महिला गर्भधारण कर लेती है (तस्वीर,साभार-यूट्यूब)

स्थानीय लोगों की मान्यता है कि सिमसा माता सपने में आकर महिला को कंद-मूल या फल प्राप्ति का आशीर्वाद देती है और उसके बाद महिला गर्भधारण कर लेती है। इतना ही नहीं, मान्यता है कि सिमसा माता लिंग-निर्धारण का भी संकेत उक्त महिला को देती है। जैसे अगर किसी महिला को सपने में भिंडी दिखती है तो उसे लड़की होगी और अगर किसी महिला को सपने में अमरुद दिखता है तो इसका संकेत है कि उसे लड़का होगा। कहा तो ये भी जाता है कि अगर किसी महिला को स्वप्न में पत्थर,लकड़ी या धातु दिखे तो इस संकेत का मतलब है कि उसे संतान की प्राप्ति नहीं होगी। चूंकि यहां स्वप्न में आकर देवी महिला को संतान होने का संकेत देती है इसलिए नवरात्री के दिनों में यहां खास उत्सव सलिन्दरा मनाया जाता है और सलिन्दरा का अर्थ है-स्वप्न आना।