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सरकारी मेडिकल कॉलेज ने जारी किया फरमान, छात्राएं नहीं पहन सकती जींस, लेगिंग्स और शॉर्ट टॉप

तिरुवंनतपुरम 22 अक्टूबर: एक तरफ सरकार भारत को डिजिटल बनाने पर जोर दे रही है… बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ… योजना को बढ़ावा दे रही है। वहीं दूसरी ओर महिलाओं को दबाने और उनसे उनके अधिकारों को छीनने की कोशिश भी की जा रही है। एक ताजा ममाला सामने आया है केरल की सरकार द्धारा संचालित त्रिवेंद्रम मेडिकल कॉलेज से।

इस कॉलेज में छात्राओं के पहनावे को लेकर एक अनोखा फरमान जारी किया गया है, जिसके मुताबिक छात्राओं को जींस, लेगिंग्स और शॉर्ट टॉप्स पहन कर क्लास में न आने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के साथ मरीजों को देखते समय उन्हें किसी तरह की आवाज करने वाली ज्वैलरी पहनने पर भी रोक लगा दी गई है।

कॉलेज की प्रिंसिपल ने यह सर्कुलर जारी किया। इस सर्कुलर के मुताबिक छात्राएं चूड़ीदार या साड़ी पहन कर ही क्लास में आएं और बालों को बांध कर आएं। वहीं इस फरमान के जारी होते ही, कॉलेज की छात्राओं ने अपनी नराजगी जाहिर की और कहा कि उन्हें अपनी पसंद के कपड़े पहनने की आजादी होनी चाहिए न कि मरीजों को क्या सभ्य लगे इस तरह के कपड़े पहनने पर मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। कुछ छात्राओं का कहना है कि वो पार्टी करने कॉलेज नहीं आ रही, कॉलेज में बहुत से प्रेक्टिकल्स करने होते हैं ऐसे में साड़ी संभालना काफी मुश्किल काम हो जाता है।

वहीं जब इस फरमान के बार में कॉलेज अधिकारियों से पूछा गया तो उन्होंने कहा  कि ऐसा फरमान हर साल जारी किया जाता है। जब नए छात्र व छात्राएं कॉलेज में दाखिला लेते हैं, तो उन्हें प्रिंसिपल द्धारा यह ड्रेस कोड दिया जाता है। कॉलेज के लगभग सभी छात्र-छात्राएं इस ड्रेस कोड का पालन करते हैं, कुछ ही छात्र-छात्राओं को इससे समस्या है।

आपको बता दें, कॉलेज के छात्रों पर भी जींस, टी-शर्ट्स, अन्य कैजुअल्स और चप्पल पहन कर क्लास में आने पर भी रोक लगा दी गई है। उनसे कहा गया है कि साफ और सभ्य कपड़े पहन कर क्लास में आएं।

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