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अगुस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाला: पूर्व वायुसेना प्रमुख एस.पी. त्यागी 14 दिसंबर तक सीबीआई रिमांड पर

पूर्व प्रमुख एस.पी.त्यागी (साभार-गूगल)

नई दिल्ली, 11 दिसंबर : राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने 3,767 करोड़ रुपये के अगुस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले में वायुसेना के पूर्व प्रमुख एस.पी.त्यागी व अन्य को 14 दिसंबर तक की अवधि के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की हिरासत में भेज दिया। त्यागी ने अदालत से कहा कि वीवीआईपी हेलीकॉप्टर के उड़ने की न्यूनतम ऊंचाई सीमा प्रधानमंत्री कार्यालय की सलाह के बाद घटाई गई थी।

हिरासत की मांग वाली सीबीआई की याचिका का विरोध करते हुए त्यागी के वकील एन.हरिहरन ने अदालत में कहा, “तत्कालीन प्रधानमंत्री कार्यालय ने हेलीकॉप्टरों के उड़ने की न्यूनतम ऊंचाई 4,500 मीटर (पहले 6,000 मीटर) करने की सलाह दी थी।”

प्रतिवेदन को हालांकि दरकिनार करते हुए महानगर दंडाधिकारी सुजीत सौरभ ने सीबीआई को त्यागी, उनके रिश्तेदार संजीव त्यागी उर्फ जूली त्यागी तथा दिल्ली के एक वकील गौतम खेतान से 14 दिसंबर तक पूछताछ की मंजूरी दे दी। एजेंसी ने पूछताछ करने के लिए आरोपियों की 10 दिनों की हिरासत की मांग की थी।

एजेंसी के मुताबिक, विभिन्न कंपनियों के माध्यम से भारी मात्रा में रकम भारत आई थी, जिसका खुलासा करने के लिए आरोपियों की हिरासत की जरूरत बताई।

सीबीआई तथा आरोपी के वकील के बीच दो घंटे तक चली बहस के बाद दंडाधिकारी ने कहा, “आरोपों की गंभीरता पर विचार करते हुए मैं इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि निष्पक्ष जांच के लिए आरोपी की पुलिस हिरासत की जरूरत है।”

एजेंसी ने अदालत से कहा कि तीन देशों-इटली, स्विट्जरलैंड तथा मॉरिशस से पत्र नियामकों के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारियां एकत्रित की गई हैं और सोदे में हुई साजिश का खुलासा करने के लिए आरोपियों को आमने-सामने कर पूछताछ करने की जरूरत है।

सीबीआई ने अदालत से कहा कि संजीव त्यागी के माध्यम से अगुस्ता वेस्टलैंड के वरिष्ठ अधिकारियों तथा एस.पी.त्यागी के बीच नियमित बैठकें हुईं। एजेंसी ने आरोप लगाया कि हेलीकॉप्टर की न्यूनतम ऊंचाई कम करने के लिए एक साजिश रची गई, जिसके बाद अगुस्ता वेस्टलैंड कंपनी सौदे के लिए सक्षम हो सका।

मामले में निर्दोष होने का दावा करते हुए बचाव पक्ष के वकील हरिहरण ने कहा कि वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों को खरीदने का फैसला संयुक्त रूप से लिया गया था।

आरोपों से इनकार करते हुए उन्होंने त्यागी की हिरासत में पूछताछ की मांग का विरोध किया। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी ने रिमांड की मांग करने के लिए कोई विशिष्ट और महत्वपूर्ण बिंदु पेश नहीं किया है।

त्यागी की गिरफ्तारी देश में किसी भी सशस्त्र सेना के पहले प्रमुख की गिरफ्तारी है। पूर्व वायुसेना प्रमुख तथा अन्य पर ब्रिटेन के अगुस्ता वेस्टलैंड कंपनी से वीवीआईपी हेलीकॉप्टर एडब्ल्यू-101 की खरीद में कथित तौर पर अनियमितता बरतने का आरोप है।

–आईएएनएस

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समय धारा

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