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क्या खूब मजबूरियां थी मेरी भी यारों…….

दिल की बात

1) हम तो जल गए तेरी मोहब्बत में मोम की तरह,*

*अगर फिर भी हम बेवफा हैं तो तेरी वफ़ा को सलाम..*

2) क्या खूब मजबूरियां थी मेरी भी यारों,

अपनी खुशी को छोड़ दिया उसे खुश देखने के लिए

3)अदाएं तो दिखाते हो कभी वफाए भी दिखाओ ना

चाह कर दर्द देते हो कभी चाह कर प्यार भी निभाओ ना….

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समय धारा

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