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पासपोर्ट बनाना हुआ आसान, न बर्थ, न मैरिज सर्टिफिकेट की जरूरत, बस आधार कार्ड से चलेगा काम!

पासपोर्ट के नये नियम

नई दिल्ली 24 दिसंबर:  केंद्र सरकार ने नोटबंदी का बीच भारतीय लोगो को नए साल का तोहफा दिया हैl नोटबंदी से परेशान लोगो के लिए अब पासपोर्ट बनवाने के नियम आसान कर दिए है l इन नये नियमो से पासपोर्ट बनवाने में आने वाली परेशानिया कम हो जाएँगी व बहुत से ऐसे लोग है जो पुराने नियमो के वजह से पासपोर्ट नहीं बना पाते थे उन्हें भी अब रहत मिली होंगी l आधार कार्ड को जन्मथिति से जोड़कर एक बड़ा बदलाव लाने की कोशिश की है l  वही  केंद्र सरकार ने साधु और संन्यासियों को एक खास राहत दी है। अपनी जड़ों से वंचित यह लोग पासपोर्ट की अर्जी दाखिल करते समय फॉर्म में अपने माता-पिता के नाम की जगह अपने धार्मिक गुरु का नाम लिख सकते हैं। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को पासपोर्ट संबंधी नए नियमों की घोषणा की जिसमें इन लोगों को यह राहत दी गई।

केंद्र सरकार के मंत्रालय  ने कहा है कि संत और संन्यासी अपने माता-पिता की जगह अपने गुरु का नाम लिखकर पासपोर्ट की अर्जी दाखिल कर सकते हैं। इसके लिए हालांकि उन्हें एक सार्वजनिक दस्तावेज दिखाना होगा। इसमें मतदाता परिचय पत्र (ईपीआईसी), पैन कार्ड, आधार कार्ड आदि शामिल हैं जिनमें उनके गुरु का नाम उनके माता-पिता वाली जगह पर हो। साधू संत जिन्होंने अपना सांसारिक जीवन छोड दिया उनके लिए सरकार ने एक बड़ी राहत दी है l  नए नियम नई जीवनशैली और पारिवारिक मान्यताओं को दर्शाते हैं।

मंत्रालय ने अर्जी देने वाले को माता-पिता में से किसी एक का नाम देने की भी इजाजत दे दी है। अभी तक माता-पिता, दोनों का नाम दिया जाना अनिवार्य था।नए नियमों की घोषणा करते हुए विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने कहा कि साधु-संतों को लेकर दो मुद्दे थे। उन्होंने कहा, ‘पहला सवाल उनके माता-पिता का था और दूसरा जन्मतिथि प्रमाण पत्र का, जिसे उन्हें वैसे भी नए दस्तावेजों के तहत जमा करना होगा।’ मुख्य पासपोर्ट अधिकारी अरुण चटर्जी ने कहा कि यह इन लोगों की लंबे समय से लंबित मांग थी जिसे अब मंत्रालय ने मंजूर कर लिया है।

(एजेंसी)

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समय धारा

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