breaking_news Home slider अन्य ताजा खबरें

जानें आखिर क्या वजह है नजीब जंग के इस्तीफे की?

साभार - गूगल

नई दिल्ली, 24 दिसम्बर:  दिल्ली के उप राज्यपाल पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद नजीब जंग ने शुक्रवार को कहा कि इससे पहले उन्होंने दो बार पद छोड़ने की पेशकश की थी लेकिन उन्हें पद पर बने रहने के लिए कहा गया था। अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो दिन पहले अपनी सहमति दे दी। जंग ने मोदी से मुलाकात के बाद समाचार चैनलों से बात की। उन्होंने कहा कि उनके इस अचानक कदम में कोई राजनीति नहीं है। उन्होंने पद छोड़ने के पीछे किसी भी तरह के दबाव की अटकलों को खारिज किया।

जंग ने इंडिया टुडे टीवी से कहा, “साल 2014 में जब मोदी ने शपथ ली तब मैं उनसे मिला और उनसे आग्रह किया कि मैं कांग्रेस द्वारा नियुक्त हूं, इसलिए मैं इस्तीफा देना चाहूंगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि नहीं, आप पद पर बने रहिए।”

उन्होंने कहा कि उन्होंने जुलाई में इस साल दोबारा यह प्रस्ताव दिया, जब उनकी राष्ट्रीय राजधानी में प्रशासन को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से रस्साकशी चरम पर थी। यह मामला अगस्त में दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश से शांत हुआ जिसमें अदालत ने अपने आदेश में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में उप राज्यपाल को प्रशासनिक प्रमुख बताया। यह मामला अब सर्वोच्च न्यायालय में है।

जंग ने कहा, “इस जुलाई जब मैंने अपने कार्यकाल के तीन साल पूरे कर लिए तो मैंने प्रधानमंत्री से फिर से पद छोड़ने की इच्छा जताई। लेकिन, प्रधानमंत्री ने फिर से मुझे पद पर बने रहने को कहा।”

इस बार उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा देने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, “दो दिन पहले, मैंने प्रधानमंत्री से फिर से अपनी इच्छा जाहिर की। इस बार प्रधानमंत्री ने अपनी सहमति दे दी। मैंने इस्तीफा दे दिया।”

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि सरकार को अभी उनका इस्तीफा मंजूर करना है और उनका विकल्प खोजना है।

जंग की जगह पर जिन नामों पर विचार किया जा रहा है, उनमें पूर्व गृह सचिव अनिल बैजल, जी.के. पिल्लई और दिल्ली पुलिस के पूर्व प्रमुख बी.एस. बस्सी शामिल हैं। बस्सी का भी केजरीवाल से छत्तीस का आंकड़ा रहा था।

इससे पहले मुख्यमंत्री केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने जंग से अलग-अलग मुलाकात की।

आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक केजरीवाल ने संवाददाताओं को बताया कि दोनों की मुलाकात घंटे भर की रही। इस दौरान उन्होंने साथ में नाश्ता भी किया। केजरीवाल और जंग के बीच लगातार घमासान बना रहा था।

सिसोदिया ने कहा कि जंग इस्तीफे के बारे में पहले से ही सोच रहे थे। वह किसी तरह से परेशान नहीं हैं।

जंग के इस्तीफे पर गुरुवार को ‘हैरानी’ जताने वाले केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि जंग ने उन्हें अपने इस कदम के बारे में कोई अन्य विस्तृत जानकारी नहीं दी है।

जंग ने आप सरकार के कई फैसलों पर रोक लगा दी थी। केजरीवाल ने इसे लेकर उन्हें मोदी सरकार का एजेंट करार दिया था जो प्रधानमंत्री कार्यालय से आदेश लेते हैं ना कि गृह मंत्रालय से।

सिसोदिया ने संवाददाताों को बताया कि उनकी जंग से मुलाकात अच्छी रही।

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री ने बताया, “जंग ने कहा कि वह पिछले करीब एक साल से इस्तीफा देने के बारे में सोच रहे थे।”

जंग ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के कार्यकाल के दौरान नौ जुलाई, 2013 को दिल्ली के उप राज्यपाल का पद संभाला था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने उन्हें इस पद पर बरकरार रखा था, जबकि नई सरकार के सत्ता में आने के बाद कई राज्यों के राज्यपालों को बदला गया था।

जंग मध्य प्रदेश कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी हैं।

–आईएएनएस

About the author

समय धारा

Add Comment

Click here to post a comment

अन्य ताजा खबरें