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भारत बनाम इंग्लैंड : कोहली *147, विजय 124 के विराट शतकों ने भारत को दिलाई बढ़त

कप्तान विराट कोहली (साभार-गूगल)

मुंबई, 10 दिसम्बर :कप्तान विराट कोहली (नाबाद 147) और सलामी बल्लेबाज मुरली विजय (124) की शतकीय पारियों की बदौलत भारत ने वानखेड़े स्टेडियम में जारी चौथे टेस्ट मैच में इंग्लैंड के पहली पारी के 400 रनों के स्कोर का मजबूत जवाब दिया है। तीसरे दिन शनिवार का खेल खत्म होने तक भारत न सिर्फ इंग्लैंड के विशाल स्कोर को पार किया बल्कि उस पर 51 रनों की बढ़त भी ले ली। स्टम्प्स तक भारत ने सात विकेट खोकर 451 रन बना अपने आप को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है।

दिन का खेल खत्म होने तक कोहली के साथ जयंत यादव (30) विकेट पर जमे हुए हैं। दोनों के बीच आठवें विकेट के लिए 87 रनों की साझेदारी हो चुकी है।

भारत ने दूसरे दिन एक विकेट पर 146 रन बनाए थे। तीसरे दिन उसने पहले सत्र में एक विकेट गंवाया। इस सत्र में विजय और कोहली ने टीम की मौजूदा स्थिति की नींव रखी। लेकिन दिन के दूसरे सत्र में भारत ने चार विकेट गंवा दिए।

दूसरे सत्र में कोहली और विजय के बीच हुई तीसरे विकेट के लिए 116 रनों की साझेदारी भी टूटी। विजय के जाने के बाद करुण नायर (13) पार्थिव पटेल (15) और रविचन्द्रन अश्विन (0) भी जल्दी पवेलियन लौट गए। भारत ने पहले सत्र में 101 रन जोड़े थे और दूसरे सत्र में भी इतने ही रन अपने खाते में डाले। अंतिम सत्र में भारत ने 103 रन बनाए।

दिन के अंतिम सत्र में रवींद्र जडेजा (25) और कोहली के बीच हुई 57 रनों की साझेदारी ने भारत को संभाला। जडेजा के बाद जयंत ने कोहली के साथ पारी को आगे बढ़ाया और टीम को 400 के पार ले गए।

कोहली के साथ जडेजा और जयंत की साझेदारियां भारत के लिए अहम साबित हुई और इसी कारण भारत को मेहमानों पर बढ़त लेने में मदद मिली। कोहली ने अपनी पारी में अभी तक 241 गेंदों का सामना किया है और 17 चौके लगाए हैं।

इस पारी में अपना 15वां टेस्ट शतक लगाने वाले कोहली ने साथ ही कई रिकार्ड अपने खाते में जोड़ लिए हैं। वह इस श्रृंखला में 500 से ज्यादा रन बना चुके हैं। वह एक श्रृंखला में 500 से ज्यादा रन बनाने वाले दूसरे भारतीय कप्तान हैं। उनसे पहले सुनील गावस्कर ने ही यह कारनामा दो बार किया है।

कोहली ने इस पारी के दौरान टेस्ट करियर में 4000 और एक साल में 1000 रन भी पूरे किए। वह भारत की तरफ से टेस्ट में एक साल में 1,000 रन बनाने वाले तीसरे कप्तान बन गए हैं। उनसे पहले सचिन तेंदुलकर ने 1997 और राहुल द्रविड़ ने 2006 में यह कारनामा किया था। वह टेस्ट में 4,000 रन बानने वाले भारत के 14वें खिलाड़ी और सबसे तेजी से इस मुकाम तक पहुंचने वाले छठे भारतीय हैं।

भारत की तीसरे दिन की शुरुआत अच्छी नहीं रही। अपने दूसरे दिन (शुक्रवार) के स्कोर 146 रन पर एक विकेट से आगे खेलने उतरी मेजबान टीम को दिन की दूसरी गेंद पर ही झटका लगा।

दूसरे दिन के नाबाद बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा (47) टीम और अपने खाते में एक भी रन नहीं जोड़ पाए और जैक बॉल की गेंद पर बोल्ड हो गए। उन्होंने विजय के साथ दूसरे विकेट के लिए 107 रनों की साझेदारी कर टीम को शुरुआती झटके से उबारा। भारत ने दूसरे दिन लोकेश राहुल (24) का विकेट 39 के कुल स्कोर पर खो दिया था।

दूसरे सत्र की शुरुआत में शतकवीर विजय, आदिल राशिद की गेंद पर उनको ही कैच देकर पवेलियन लौट गए। विजय ने अपनी पारी में 282 गेंदें खेलते हुए 10 चौके और तीन छक्के लगाए।

इंग्लैंड के लिए अली, राशिद और रूट ने दो-दो विकेट अपने नाम किए। उनके अलावा बॉल को एक विकेट मिला।
–आईएएनएस

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समय धारा

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