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कुश्ती : एशियाई चैम्पियनशिप में पहलवान साक्षी मलिक इतिहास रचने से चूक गईं,फोगाट दिव्या को भी रजत से करना पड़ा संतोष

नई दिल्ली, 12 मई :  रियो ओलम्पिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारत की अग्रणी महिला पहलवान साक्षी मलिक को शुक्रवार को यहां जारी एशियाई कुश्ती चैम्पियनशिप में इतिहास रचने से चूक गईं। साक्षी व भारत दो अन्य महिला पहलवान विनेश फोगाट और दिव्या काकरान अपने-अपने वर्ग के फाइनल में हार गईं। रियो ओलम्पिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली जापान की रिसाको कवाई ने 60 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में साक्षी को 10-0 से हराया। साक्षी पहली बार 60 किग्रा वर्ग में खेल रही थीं। रियो में उन्होंने 58 किलोग्राम वर्ग में कांस्य जीता था।

साक्षी ने मैच के बाद कहा, “यह मेरे लिए खराब दिन रहा लेकिन अब मैं आगे की प्रतियोगिताओं में बेहतर करने की उम्मीद के साथ प्रयास करूंगी।”

इस वर्ग का कांस्य कजाकिस्तान की अवाउलम कासावमोवा को मिला। कासावमोवा ने उजबेकिस्तान की नाबिरा इसेनबायेवा को 13-3 से हराया।

विनेश को 55 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में जापान की नांजो सेए ने 8-4 से हराया। रियो ओलम्पिक में चोट के कारण मुकाबले से बाहर होने वाली विनेश ने परिणाम को लेकर निराशा जाहिर की।

विनेश ने कहा, ” गम्भीर चोट के बाद मैट पर आना काफी मश्किल था। यह मेरे लिए हालांकि अच्छा अनुभव रहा। मैं रजत से खुश हूं क्योंकि मेरा मानना है कि चोट से उबरने के बाद पोडियम फिनिश करना काफी मुश्किल होता है।”

दिव्या को 69 किलोग्राम वर्ग में को जापन की सारा दोशो ने 0-8 से हराया। दिव्या ने अच्छी शुरुआत की लेकिन बाद में वह लय से भटक गईं और इसी का फायदा उठाकर दोशो ने लगातार अंक बटोरे और स्वर्ण जीतने में सफल रहीं।

48 किलोग्राम वर्ग में रितु फोगाट को कांस्य मिला। रितु को वाकओवर मिला। चीन की यानान सुन ने चोट के कारण मैच से हटने का फैसला किया।

सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की आयौलीम कासेमोवा को 15-3 से हराने वाली साक्षी इतिहास रचने और अपने ही देश की दो पहलवानों की हार का हिसाब कवाई से चुकाने से चूक गईं।

कवाई 2016 रियो ओलम्पिक में स्वर्ण व 2 बार विश्व कप और 2 बार एशियाई चैंपियनशिप जीत चुकी हैं। कवाई ने भारत की स्टार महिला पहलवान बबिता फोगाट को वर्ष 2012 विश्व प्रतियोगिता कनाडा में हराया वही राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता भारत की पूजा ढांडा को वर्ष 2014 एशियाई चैंपियनशिप के दौरान बहुत ही नजदीकी अंतर से पराजित हो गई थीं।

साक्षी अगर कवाई को मात दे देतीं तो वह न सिर्फ बबिता और पूजा की हार का बदला लेने में कामयाब हो जातीं बल्कि एशियाई चैंपियनशिप का स्वर्ण जीत कर ऐसा रिकार्ड स्थापित कर देंगी जो आज तक किसी भारतीय महिला पहलवान ने नहीं किया है।

साक्षी पहली बार इस भार वर्ग के फाइनल में खेल रही थीं। पिछले सप्ताह एशियाई चैम्पियनशिप के ट्रायल के लिए साक्षी ने राष्ट्रीय चैम्पियन मंजू कुमारी को 10-0 से हराय थाा। साक्षी ने महिलाओं की 58 किलोग्राम वर्ग में जगह बना ली थी, लेकिन टूर्नामेंट की शुरुआत से एक दिन पहले पता चला कि वह वजन बढ़ने के कारण वह इस वर्ग में नहीं खेल पाएंगी।

–आईएएनएस

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