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Google ने Doodle बना, भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के पिता डॉ विक्रम साराभाई को किया सम्मानित

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नई दिल्ली, 12 अगस्त (समयधारा) : आज  Google ने डॉ विक्रम साराभाई का Doodle बनाकर,

उनका 100 वां जन्मदिन मनाया – भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के पिता डॉक्टर विक्रम साराभाई को कहा जाता है l 

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के जनक डॉ विक्रम साराभाई  को इसरो(isro) की स्थापना के लिए सबसे ज्यादा याद किया जाता है।

डॉ साराभाई ने 1962 में इंडियन नेशनल कमेटी फॉर स्पेस रिसर्च की स्थापना की, जिसे बाद में इसरो का नाम दिया गया।

ब्रह्मांडीय किरणों, रॉकेटों और उपग्रहों में उनकी व्यक्तिगत रुचि  के अलावा साराभाई विज्ञान(science)

और प्रौद्योगिकी (technology) को ‘विकास के लीवर'(Leaver of Development ) के रूप में उपयोग करने में विश्वास करते थे।

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12 अगस्त, 1919 को अहमदाबाद में जन्मे विक्रम अंबालाल साराभाई  ने कैंब्रिज से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की l वह गुजरात के एक कॉलेज में पढ़े।

डॉ. साराभाई ने 1962 में भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान समिति की स्थापना की,

जिसे बाद में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के  नाम  से बदल दिया गया।

इसने  दक्षिणी भारत में थुम्बा इक्वेटोरियल रॉकेट लॉन्चिंग स्टेशन (Thumba Equatorial Rocket Launching Station) स्थापना की l 

 जिसका 21 नवंबर, 1963 को पहला सफल प्रक्षेपण हुआ।

1975 में आर्यभट्ट की ऑर्बिट में स्थापना से भारतीय उपग्रह(indian satellite ) का उनका सपना साकार हुआ।

उन्होंने अपनी मातृभूमि में कई महत्वपूर्ण संस्थानों की स्थापना की, जैसे कि भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला

( Physical Research Laboratory -जब उनकी उम्र सिर्फ 28 वर्ष की थी )

भारतीय प्रबंधन संस्थान और पर्यावरण योजना और प्रौद्योगिकी केंद्र

(Indian Institute of Management, and the Center for Environmental Planning and Technology)।

उन्होंने भारत के परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया।

डॉ साराभाई की विज्ञान शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता के कारण अहमदाबाद में सामुदायिक विज्ञान केंद्र बन गया,

जो बाद में उनके नाम से सम्मानित किया गया। 1973 में उनके सम्मान में चंद्रमा पर एक गड्ढा (Crater ) नामित किया गया था।

इससे पहले इस साल इसरो ने भारत में चंद्रमा पर उतरने वाला चौथा देश बनाने की उम्मीद में चंद्रयान -2 मिशन शुरू किया था।

विक्रम लैंडर को इस वर्ष 7 सितंबर को चंद्र की सतह पर छूने के लिए निर्धारित किया गया है।

वही यह गूगल डूडल मुंबई के अतिथि कलाकार पवन राजुरकर द्वारा बनाया गया है।

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गूगल डूडल की बात करें तो विश्वभर की महान व्यक्तियों को समय-समय पर व डूडल बनाकर सम्मानित करता हैl 

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Dharmesh Jain

धर्मेश जैन एक स्वतंत्र लेखक है और साथ ही समयधारा के को-फाउंडर व सीईओ है। लेखन के प्रति गहन रुचि ने धर्मेश जैन को बिजनेस के साथ-साथ लेख लिखने की ओर प्रोत्साहित किया।

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