breaking_newsHome sliderटेक्नोलॉजीदेशदेश की अन्य ताजा खबरेंसोशल मीडिया
Trending

UIDAI का नंबर आपके स्मार्टफोन में खुद-ब-खुद हुआ सेव,UIDAI का दावा- फर्जी है हमने नहीं किया

आधिकारिक बयान में कहा गया, "UIDAI का वैध टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1947 है, जो पिछले दो सालों से ज्यादा समय से चल रहा है

नई दिल्ली, 4 अगस्त : #UIDAI- आप सोकर उठे और रोज की तरह स्मार्टफोन चेक किया लेकिन ये क्या इसमें UIDAI नाम से एक टोल फ्री नंबर आपकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में दिख रहा है,

जबकि आपने सेव ही नहीं किया। ये नंबर आधार अथॉरिटी के हेल्पलाइन नंबर सा है तो क्या आधार वाले खुद आपके फोन तक एक्सेस बना रहे है?

क्या आपकी प्राइवेसी पर सरकार या आधार के द्वारा हमला किया जा रहा है?

कुछ इसी तरह के सवालों और जवाबों का दौर शुक्रवार सोशल मीडिया पर छाया रहा जब सच में कुछ यूजर्स के फोनबुक में आधार अथॉरिटी का हेल्पलाइन नंबर दिखने लगा।

हालांकि मामले ने जब ज्यादा तूल पकड़ा तो UIDAI ने आधिकारिक रूप से कहा,

कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया और न ही सेव हेल्पलाइन नंबर वैध है।

ये आधार का पुराना नंबर है जोकि अब वैध नहीं है।

 #UIDAI शुक्रवार को बड़े पैमाने पर स्मार्टफोन यूजर्स आधार नंबर लागू करनेवाली,

एजेंसी #UIDAI के टॉल फ्री नंबर के अपने फोनबुक में अपने आप सेव हो जाने से,

भौंचक हो गए। इसके तुरंत बाद लोगों की निजता से जुड़ी चिंताएं सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगीं।

यह भी पढ़े: आधार सुरक्षा को लेकर ट्राई प्रमुख का दावां साबित हुआ टांय-टांय फिस्स

इसके बाद UIDAI और दूरसंचार कंपनियों ने इस घटना में अपनी भूमिका होने से इनकार किया।

देश में हजारों स्मार्टफोन यूजर्स शुक्रवार को हक्के-बक्के रह गए,

जब उन्होंने पाया कि UIDAI का टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर उनके फोन बुक में खुद से सेव हो गया है। 

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने कहा कि कुछ निहित हितों के कारण,

‘जानबूझकर’ जनता में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है और प्राधिकरण ने,

स्पष्ट किया कि उसने किसी निर्माता या दूरसंचार सेवा प्रदाता से ऐसी सुविधा,

प्रदान करने के लिए नहीं कहा है।

यह भी पढ़े: आपके आधार डाटा को सेफ रखने UIDAI लाया 16 नंबरों का वर्चुअल ID, बैंक व मोबाइल सिम के वैरिफिकेशन में भी आएगा काम

#UIDAI ट्रेंड करने लगा सोशल मीडिया पर, मचा हाहाकार

इसके बाद ट्विटर पर #UIDAI ट्रेंड करने लगा और स्मार्टफोन यूजर्स,

अपना स्क्रीन शॉट लगाकर खुद की निजता को लेकर चिंता जाहिर करने लगे। 

एक यूजर ने सेव्ड नंबर का स्क्रीन शॉट ट्वीट करते हुए लिखा,

“यह कोई मजाक नहीं है। मेरे फोन में भी ऐसा हुआ है।

मैंने इस नंबर को सेव नहीं किया था। जल्दी से अपना फोन भी चेक करें, मुझे चिंता हो रही है।”

एक दूसरे यूजर ने ट्वीट किया, “ये कैसे हुआ कि यह नंबर मेरे फोन बुक में आ गया?

अगर आप ऐसा कर सकते हैं तो आप गतिविधियों की निगरानी भी कर सकते हैं।”

एक फ्रांसीसी सुरक्षा विशेषज्ञ एलियट एल्डरसन ने UIDAI से ट्विटर पर पूछा,

“कई लोग, जिनके अलग-अलग सेवा प्रदाता है,

यह भी पढ़े: बैंक खातों,मोबाइल नंबरों को आधार से लिंक कराने की फिलहाल जरूरत नहीं: सुप्रीमकोर्ट

चाहे उनके पास आधार कार्ड हो या ना हो या उन्होंने आधार एप इंस्टाल किया है या नहीं किया है।

उन्होंने अपने फोन में नोटिस किया होगा कि बिना अपने कांटैक्ट लिस्ट में,

जोड़े आधार का हेल्पलाइन नंबर क्यों आ रहा है। क्या आप इसकी सफाई दे सकते हैं, क्यों?”

इस बहस में कई लोग शामिल हुए और उन्होंने अपने फोन में अचानक आधार नंबर के,

आने के स्क्रीन शॉट्स को साझा करना शुरू कर दिया। 

एक ट्विटर यूजर ने कहा, “हां, यह सच है। UIDAI का हेल्पलाइन नंबर मेरे फोन,

बुक में जादू से आ गया। वे हमारा पीछा कर रहे हैं, जैसे एनएसए अमेरिका में करता है?”

वहीं, यूआईडीएआई का कहना है कि एंड्रायड फोन्स में जो आधार हेल्पलाइन नंबर दिख रहा है,

वह पुराना है और वैध नहीं है।

आधिकारिक बयान में कहा गया, “UIDAI का वैध टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1947 है,

यह भी पढ़े: चुटकियों में घर बैठे अपने मोबाइल नंबर को आधार से ऐसे करें लिंक

जो पिछले दो सालों से ज्यादा समय से चल रहा है।”

आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अंकित लाल ने कहा कि,

उन्होंने कभी भी आधार हेल्पलाइन का नंबर सेव नहीं किया, फिर यह उनके फोन में कैसे दिख रहोहै। 

UIDAI की सफाई-नंबर वैध नहीं है। किसी ने गड़बड़ी की है

लाल ने एक ट्वीट में कहा, “UIDAI का कहना है कि यह वैध हेल्पलाइन नंबर नहीं है,

जबकि यही नंबर अभी तक सभी आधार कार्ड पर है। कॉर्पोरेट कम्यूनिकेशन को कोई,

व्यक्ति हो सकता है सारी गड़बड़ी कर रहा हो।”

इस विचित्र घटना में दूरसंचार उद्योग ने किसी दूरसंचार सेवा प्रदाता का हाथ होने से इनकार किया है। 

सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने एक बयान में कहा,

“कई सारे मोबाइल हैंडसेट्स के फोनबुक में कुछ अज्ञात नंबर के सेव हो जाने,

में दूरसंचार सेवा प्रदाताओं की कोई भूमिका नहीं है।”

दूरसंचार कंपनियों ने हालांकि इस मुद्दे पर किसी प्रकार की टिप्पणी करने से,

इनकार कर दिया और कहा कि उनका भी यही कहना है, जो सीओएआई ने कहा है।

 

–आईएएनएस

Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: