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Breaking News: अंतरि़क्ष में भारत की एक और बड़ी कामयाबी, चंद्रमा की कक्षा में चंद्रयान 2 का प्रवेश

नई दिल्ली,20अगस्त: ISRO Chandrayaan-2 enters Lunar Orbit successfully- अंतरिक्ष में भारत को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लग गई है। चंद्रयान-2  (Chandrayaan-2) आज (20 अगस्त 2019) को चंद्रमा (Lunar Orbit)  की कक्षा में सफलता पूर्वक दाखिल हो (ISRO Chandrayaan-2 enters Lunar Orbit successfully)गया है।

श्रीहरिकोटा से चंद्रयान 2 (Chandrayaan-2) अपनी लॉन्चिंग के 29 दिन बाद आज सुबह 9 बजकर 30 मिनट पर फाइनली चंद्रमा की कक्षा में लैंड कर गया (ISRO Chandrayaan-2 enters Lunar Orbit successfully)है।

अब चंद्रयान 2 अपनी इस ऐतिहासिक उपस्थिति को 7 सितंबर को दर्ज करेगा। इसरो (ISRO) (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) ने बताया है कि चंद्रयान 2 (Chandrayaan-2)पर लगाएं गए

दो मोटरों को एक्टिव करने से यह चंद्रमा की कक्षा में स्थापित हो (ISRO Chandrayaan-2 enters Lunar Orbit successfully) गया है।

आज  मंगलवार, 20 अगस्त 2019 को सुबह 11 बजे इसरो के प्रमुख के. सिवन एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस सफलता की जानकारी साझा करेंगे।

अब आगे क्या?

भले ही चंद्रयान 2 चंद्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश कर गया है लेकिन अब यह स्पेसक्राफ्ट कड़ी परीक्षा से यहां पर गुजरेगा।

अब चंद्रयान 2 स्पेसक्राफ्ट की स्पीड धीमी करने के लिए ऑनबोर्ड प्रोपल्शन सिस्टम को फायर किया जाएगा ताकि यह चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण प्रभाव में आ सके

इसरो के चेयरमैन के सिवन ने बताया कि चंद्रयान-2 के चंद्रमा की कक्षा में पहुंचने के बाद इसरो (ISRO) कक्षा के अंदर स्पेसक्राफ्ट की दिशा में 5 बार (20, 21, 28 और 30 अगस्त तथा 1 सितंबर को) और बदलाव करेगा।

फिर इसके बाद चंद्रयान 2 चंद्रमा के ध्रुव के ऊपर से गुजरेगा और उसके सबसे करीब- 100 किलोमीटर की दूरी की अपनी अंतिम कक्षा में पहुंच जाएगा।

इसके बाद विक्रम लैंडर 2 सितंबर को चंद्रयान-2 से अलग होकर चंद्रमा की सतह पर लैंड कर जाएगा। सिवन आगे बताते है कि 7 सितंबर 2019 को चंद्रयान-2 चंद्रमा की सतह पर उतरेगा।  उतरने से पहले इसे धरती से कमांड दिए जाएंगे। ताकि इसके लैंडर की गति और दिशा को सुधारा जा सकें और वह धीरे से सतह पर उतरे।

ऑर्बिटर और लैंडर में फिट कैमरे लैंडिंग जोन का रियल टाइम असेस्मेंट उपलब्ध कराएंगे। लैंडर का डाउनवर्ड लुकिंग कैमरा सतह को छूने से पहले इसका आकलन करेगा और अगर किसी तरह की बाधा हुई तो उसका पता लगाएगा। 

चंद्रयान 2 कब हुआ था लॉन्च

भारत के दूसरे चंद्रमा अभियान चंद्रयान-2 को बाहुबली रॉकेट (जीएसएलवी-मार्क-3) के साथ

सोमवार की दोपहर बाद सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया। यह चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र का अध्ययन करेगा

जोकि अभी तक दुनिया के किसी भी अंतरिक्ष मिशन में नहीं किया गया है l

यह भारत का दूसरा मिशन मून है।

इसरो(ISRO) के वैज्ञानिकों का कहना था कि यह बहुत तनाव भरा माहौल था।

भारत के चंद्रयान-2 को ले जाने वाले जियोसिंक्रोनाइज सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल – मार्क तृतीय (जीएसएलवी – एमके तृतीय) का,

यहां स्थित प्रक्षेपण स्थल से सोमवार (22 जुलाई 2019)  को नियत समय अपराह्न् 2.43 बजे सफल प्रक्षेपण किया गया,

जिसके बाद चंद्रयान-2 अपनी कक्षा में स्थापित हो गया।

इससे पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की ओर से रविवार,

शाम 6 बजकर 43 मिनट पर चंद्रयान-2 की लांचिंग की उलटी गिनती शुरू हो गई थी।

लॉन्चिंग से पहले रॉकेट और अंतरिक्ष यान प्रणाली की जांच की गई और रॉकेट के इंजन में ईंधन भरा गया।

जीएसएलवी-एमके-3 रॉकेट को बाहुबली नाम दिया गया है। 

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Reena Arya

रीना आर्य एक ज्वलंत और साहसी पत्रकार व लेखिका है। वे समयधारा.कॉम की एडिटर-इन-चीफ और फाउंडर भी है। लेखन के प्रति अपने जुनून की बदौलत रीना आर्य ने न केवल बड़े-बड़े ब्रांड्स में अपने काम के बल पर अपनी पहचान बनाई बल्कि अपनी काबलियत को प्रूव करते हुए पत्रकारिता के पांच से छह साल के सफर में ही अपने बल खुद एक नए ब्रैंड www.samaydhara.com की नींव रखी।रीना आर्य हर मुद्दे पर अपनी बेबाक राय रखने पर विश्वास करती है और अपने लेखन को लगभग हर विधा में आजमा चुकी है

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