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डेबिट कार्ड हो गया चोरी या हैक? डोंट वरी ऐसे पाएं पैसा वापस

पीएम मोदी के डिजिलाइजेशन की मुहिम के तहत अब सभी ट्रांजेक्शन क्रेडिट/डेेबिट कार्ड से करना जरूरी हो गया है। ऐसे में हैकिंग या आपके डेबिट कार्ड के क्लोन का खतरा भी मंडरा रहा है। जरा सी असावधानी और आपकी गाढ़ी कमाई चंद सेकेंड्स में किसी और के अकाउंट में ट्रांसफर हो सकती है। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन जहां वक्त की जरूरत है,  वहीं इससे भी ज्यादा जरूरी है कि आप अपने बैंक अकाउंट और  डेबिट/क्रेडिट कार्ड को सुरक्षित रखें। कुछ समय पहले खबर आई थी कि  लगभग 30 लाख डेबिट कार्ड हैक हो गए और एसबीआई ने इसी के चलते 6लाख डेबिट कार्ड्स को ब्लॉक कर दिया। इसके लिए जरूरी है कि आप अपने डेबिट कार्ड को सुरक्षित रखें। आज हम आपको बता रहे है कि अगर आपका बैंक अकाउंट या डेबिट कार्ड हैक हो जाएं और पैसा ऑनलाइन ट्रांसफर किया जाने लगे तो क्या करें:

1.सबसे पहले अपने बैंक को सूचित करें और अपना डेबिट या क्रेडिट कार्ड ब्लॉक करवा लें।

2.अगर आपने किसी और पीसी से कोई ऑनलाइन ट्रांजेक्शन किया है और उसके एकदम बाद आपका बैंक अकाउंट हैक कर लिया गया है तो सबसे पहले अपने पीसी को लेटेस्ट एंटी-वायरस स्कैनर से स्कैन और क्लिन करें।यह आपको किसी भी रूटकिट(यह सॉफ्टवेयर टूल्स का एक सेट होता है, जो किसी भी अवैध(unauthorized) यूजर को आपके कंप्यूटर सिस्टम को कंट्रोल करने देता है वह भी वैध authorized )(यूजर को पता लगे बिना)

3.अब अपने पासवर्ड,पिन को रीसेट करें और सिक्योरिटी के लिए पूछे जाने वाले सभी सवालों का जवाब दें।

4.इसके बाद अपनी कॉन्टैक्ट डिटेल्स जैसे- एड्रेस, फोन नंबर को वेरिफाई करें ताकि पता चल जाए कि हैकर्स ने इन्हें कहीं बदल तो नहीं दिया।

5.अपने अकाउंट में हुए स्कैम की रिपोर्ट अपने बैंक के संबंधित अधिकारी के पास दर्ज कराएं।

6.साथ ही लोकल पुलिस स्टेशन में भी अपने साथ हुई जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज कराएं।

अपने हैक अकाउंट से ऐसे लें पैसा वापिस

1.अवैध ऑनलाइन ट्रांजेक्शन होने पर भी आपके पास अपना पैसा रिकवर करने का एक मौका होता है। बस इसके लिए ध्यान दें कि फ्रॉड्स ने जिस दिन और जिस समय अवैध ऑनलाइन ट्रांजेक्शन किया है, उसके 24 घंटे के भीतर आप अपना डेबिट कार्ड या बैंक अकाउंट ब्लॉक करा दें।

2.ज्यादतर पीड़ित इन महत्वपूर्ण बातों को भूल जाते है और इसी कारण अपने चोरी हुए पैसे को वापिस नहीं ला पाते।

3.जब कोई हैकर या साइबर क्रिमिनल बैंक अकाउंट को हैक कर लेता है (जैसा कि अभी एसबीआई अधिकृत बैंकों के यूजर्स का डाटा चोरी हुआ) तब हैकर्स यूजर का लॉगिन नेम,पासवर्ड और पिन नंबर एक्सेस कर लेते है और ऑनलाइन शॉपिंग करना शुरू कर देते है या फिर तुरंत पैसा ट्रांसफर करने लगते है।

4.हैकर्स की पूरी कोशिश होती है कि यूजर द्वारा डेबिट/क्रेडिट कार्ड ब्लॉक कराने से पहले ये लोग ज्यादा से ज्यादा बड़ी रकम उनके बैंक अकाउंट से निकाल लें या फिर यूजर की बैंक लॉगिन डिटेल्स बदल दें।

5.इन परिस्थितियों में यूजर को ऊपर दिए गए स्टेप्स को फॉलो करने के साथ-साथ, फ्रॉड ट्रांजेक्शन की डिटेल्स को ध्यानपूर्वक देखना चाहिए क्योंकि प्रत्येक ट्रांजेक्शन के लिए बैंक बहुत ही सीमित लेकिन महत्वपूर्ण जानकारियां जैसे कि फ्रॉड या कोई भी ट्रांजेक्शन किस समय, किस डेट पर हुआ और उसकी मर्चेंट आईडी या स्ट्रिंग क्या थी, मुहैया कराता है।

6.अपने बैंक अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए अपनी बैंक स्टेटमेंट्स को रिव्यू करते रहें ताकि उसकी सटीकता का पता समय रहते चल सकें।

7.अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड का अपना पिन नंबर, ईमेल या फोन पर किसी को न बताएं।

8.जो लोग कॉल करके या फिर ईमेल द्वारा आपकी निजी जानकारियां मांगे उनसे सतर्क रहे।

9.अगर फिर भी कोई आपसे आपका सोशल सिक्योरिटी नंबर या अन्य गुप्त जानकारी मांगे,तो सुनिश्चित कर लें कि आपसे कौन जानकारियां मांग रहा है और क्यों मांग रहा है।

10.फ्री सॉफ्टवेयर और ईमेल अटैचमेंट से सावधान रहे।

11.अपने सोशल सिक्योरिटी नंबर में से अपना पिन नंबर न बनाएं।

12.किसी भी एप को डाउनलोड, लिंक पर क्लिक या फिर किसी भी ईमेल का जवाब से पहले ध्यान देने से पहले सावधानी पूर्वक ध्यान दें क्योंकि ये कोई हैकर भी हो सकता है और संवेदनशील जानकारियां देना आपके लिए घातक हो सकता है।

13.अपने लैपटॉप, मोबाइल के ऑपरेटिंग सिस्टम और इंटरनेट ब्राउजर को अप-टू-डेट रखें।

14.स्मार्टफोन में अपने पासवर्ड, सोशल सिक्योरिटी या किसी भी अन्य संवेदनशील जानकारी को स्टोर न करे।

15.ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल करते समय अपने आसपास ध्यान दें कि कहीं कोई तांक-झांक तो नहीं कर रहा।

16.डेबिट कार्ड के साथ ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में ज्यादातर फ्रॉड साइट्स आपसे केवल पिन नंबर मांगना ही पसंद करती है क्योकि इससे आपका सारा डाटा आसानी से चुराया जा सकता है।यही कारण है कि ज्यादातर पेमेंट टर्मिनल्स आपसे पिन मांगते है, लेकिन यह बहुत हानिकारक हो सकता है क्योंकि इसके द्वारा चोरों को आपका सारा डाटा मिल जाता है और वह आसानी से एक नकली डेबिट कार्ड बना लेते है।

17.इस तरह फेक डेबिट कार्ड से एटीएम मशीन से पैसा निकाला आसान हो जाता है।

उपरोक्त बातों  का ध्यान रखकर आप अपने डेबिट कार्ड या बैंक अकाउंट को हैक होने से बचा सकते है।

लेखिका /संपादक: रीना आर्य

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