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सावधान! व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन है आप? तो 10 दिन में करा लें ये काम, अन्यथा…

व्हाट्सएप,सोशल मीडिया पर कुछ भी डालना पड़ेगा महंगा, ग्रुप एडमिन को 10 दिन के अंदर रजिस्ट्रेशन कराना होगा

(लेखिका-रिया शर्मा) जम्मू, 2 जुलाई : व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन को नजदीकी जिलाधिकारी ऑफिस में जाकर 10 दिनों के अंदर ही रजिस्ट्रेशन कराना होगा। अब सोशल मीडिया पर भ्रामक कंटेंट महंगा पड़ेगा।

व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन सावधान हो जाएं

क्योंकि सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाकर माहौल खराब करने वालों के प्रयासों पर,

लगाम कसने के उद्देश्य से किश्तवाड़ जिला प्रशासन ने निर्देश जारी किया है,

कि व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन को नजदीकी जिलाधिकारी ऑफिस में जाकर,

10 दिनों के अंदर ही रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

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इस कड़े निर्देश के अंतर्गत ग्रुप एडमिन्स (WhatsApp Group Admin) से यह भी कहा गया है,

कि वे ऑफिसर्स को अपनी ओर से एक शपथ पत्र देकर सुनिश्चित करें,

कि उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जो भी कंटेंट अपलोड होगा,

उसके लिए वे व्यक्तिगत रूप से जवाबदार या जिम्मेदार होंगे।

इतना ही नहीं, इस शपथ पत्र में यह भी लिखित करना होगा कि,

उनके किसी कंटेंट या सामग्री से अगर कानून का उल्लंघन होता है,

तो वे किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई या लीगल एक्शन का सामना करने के लिए उत्तरदायी होंगे।

इस आदेश को जिला विकास आयुक्त अंग्रेज सिंह राणा ने रिलीज किया है।

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अधिकारियों ने कहा कि डीडीसी ने किश्तवाड़ के पुलिस अधीक्षक अबरार चौधरी

द्वारा 22 जून को उन्हें भेजे गए पत्र के जवाब में यह आदेश जारी किया.

गौरतलब है कि 22 जून को किश्तवाड़ के पुलिस अधीक्षक अबरार चौधरी ने,

एक लैटर अंग्रेज सिंह राणा को लिखा था और बताया था कि,

सोशल मीडिया पर कुछ लोग गलत जानकारी, अफवाहें और भ्रम फैला रहे है।

व्हाट्सएप,सोशल मीडिया पर कुछ भी डालना पड़ेगा महंगा, ग्रुप एडमिन को 10 दिन के अंदर रजिस्ट्रेशन कराना होगा

उसी के जवाब स्वरूप ये कड़ी चेतावनी अंग्रेज सिंह राणा की ओर से आई है,

कि सोशल मीडिया पर जो भी लोग अफवाहें फैलाते है या किसी प्रकार का नफरत,

भेदभाव भरा कंटेंट या गलत जानकारी परोसते है तो ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी

जिसमें कि इनके खिलाफ आतंकवाद रोधी कानून, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी अधिनियम,

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गैर कानूनी गातिविधि (रोकथाम) अधिनियम,साइबर अपराध कानूनों के,

और रणबीर दंड संहिता के अंतर्गत केस चलाया जा सकता है।

अपने इस आदेश में जिलाधिकारी ने कहा है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर,

कोई रोक नहीं है लेकिन आपके इस अधिकार के साथ कुछ दायित्व और बंधन भी होते है।

व्हाट्सएप ग्रुप एडमिंस और लोगों को इस बात की जिम्मेदारी लेनी होगी

और उन्हें इससे भागकर नहीं बल्कि पूरी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

अपने इस आदेश का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए जिलाधिकारी ने कहा

कि यह आदेश ग्रुप एडमिंस को अलर्ट करने के लिए जारी किया गया है,

ताकि किसी भी भ्रामक, आपत्तिजनक कंटेंट पर टाइम रहते एक्शन लिया जा सकें और ऐसे कंटेंट को वायरल होने से रोका जा सकें।

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इसलिए WhatsApp Group Admin को मिली चेतावनी

एसएसपी द्वारा जिलाधिकारी को लिखे गए लैटर में कहा गया है,

कि सोशल मीडिया और खासकर व्हाट्सएप पर चल रहे ग्रुप्स के द्वारा,

बड़े स्तर पर वीडियो,ऑडियो और लिखित कंटेंट के रूप में अफवाहें फैलाई जा रही है,

भ्रामक जानकारी या अपुष्ट और आधी-अधूरी सूचनाएं वायरल की जा रही है।

इसके कारण राज्य में कानून-व्यवस्था चौपट हो रही है।

इसलिए जिले में किसी भी तरह की असंवेदनशील या अप्रिय घटना को रोकने,

और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए व्हाट्सएप न्यूज या अन्य ग्रुप्स व ट्विटर,

फेसबुक और इंस्टाग्राम सरीखे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स द्वारा,

ऐसी अफवाहें फैलाने से रोकने की जरूरत है।

दरअसल, किश्तवाड़ जम्मू-कश्मीर का बेहद कम जनसंख्या वाला जिला है,

और एक संवेदनशील इलाका है और ऐसे में सोशल मीडिया विशेषरूप से व्हाट्सएप ग्रुप पर,

अलग-अलग तरह की भ्रामक सूचनाएं,अफवाहें और आपत्तिजनक कंटेंट को फैलाया जा रहा है।

इससे लोगों के बीच टेंशन का माहौल पैदा हो रहा है।

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अब राणा द्वारा जारी चेतावनी के तहत आदेश दिया गया है कि व्हाट्सएप ग्रुप एडमिंस को,

ग्रुप के सभी मेंबर्स की जानकारी मुहैया करानी होगी। फिर चाहे वे देश के हो,

या विदेश के। इतना ही नहीं, आपके ग्रुप कंटेंट पर अगर किसी प्रकार की आपत्ति होती है,

तो आपको इंवेस्टिगेशन के लिए पुलिस बुला सकती है। ऐसे में आपको उपस्थित होना ही होगा।

अगर व्हाट्सएप ग्रुप का कोई भी मेंबर आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट करता है तो इसकी,

जानकारी ग्रुप एडमिन को करीबी पुलिस स्टेशन में देनी होगी।

अपने आदेश में जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि व्हाट्सएप ग्रुप एडमिंस को,

सभी तरह का कंटेंट(वीडियो,ऑडियो और पोस्ट) बतौर सबूत अपने पास रखना होगा,

और जब वे रजिस्ट्रेशन करायेंगे तो उन्हें लिखकर देना होगा कि अगर उनके ग्रुप से,

किसी भी प्रकार का आपत्तिजनक कंटेंट परोसा गया तो वे किसी भी प्रकार की,

कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए तैयार है और इसके कारण उनका पेज या ग्रुप भी बंद किया जा सकता है।

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अबरार चौधरी ने कहा कि व्हाट्सएप ग्रुप पर बहुत बार देश विरोधी कंटेंट या बंदूकधारी आतंकियों की फोटोज के साथ-साथ वीडियोज भी सोशल मीडिया पर वायरल किये जाते है। इसलिए इसकी जांच होनी चाहिए।

ध्यान दें कि आजकल सोशल मीडिया पर गैरजिम्मेदाराना तरीकें से सूचनाएं फैलाई जा रही है जिसके कारण देश और राज्यों में कानून-व्यवस्था चरमरा गई है और इसी के कारण लोग भ्रम में आकर दूसरे समुदायों या लोगों को मारपीट देते है या फिर नफरत का जहर फैलाकर देश की संप्रुभता के साथ खिलवाड़ कर देते है।

(इनपुट एजेंसी से भी)

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