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संयुक्त राष्ट्र ने मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित किया,भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत

ग्लोबल आतंकी घोषित होने के बाद जैश सरगना मसूद अजहर की सभी संपत्तियां जब्त होंगी

नई दिल्ली, 1 मई:UN announced Masood Azhar as Global Terrorist- जैश-ए-मोहम्मद का सरगना और पुलवामा आतंकी हमले का मास्टरमाइंड मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र ने ग्लोबल आतंकी घोषित कर दिया है।संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत सैयद अकबरूद्दीन ने इसकी पुष्टि की है।

इसे भारत की एक बड़ी कूटनीतिक जीत भी माना जा रहा है चूंकि भारत में मसूद अजहर ने संसद,पठानकोट और पुलवामा आतंकी हमलों को अंजाम दिया था।

अंतर्राष्ट्रीय मंच पर चीन हमेशा मसूद अजहर को बचाता रहा है लेकिन आखिरकार अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत की ओर से बार-बार गुहार की गई कि मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित किया जाए तो आखिरकार पूरे विश्व ने मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी यानि ग्लोबल आतंकी घोषित कर ही दिया।

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इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत समझा जा सकता है। संयुक्त राष्ट्र ने जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया है। इसके कारण अब चीन को भी मसूद अजहर पर अपने हाथ पीछे खींचने पड़े। चीन ने सुरक्षा परिषद् की प्रतिबंध कमेटी के अंतर्गत मसूद अजहर को ब्लैकलिस्ट करने के प्रपोजल से अपने हाथ पीछे खींच लिए थे और अभी तक वह बार-बार उसे वैश्विक आतंकी घोषित नहीं होने दे रहा था।

ग्लोबल आतंकी घोषित होने के बाद जैश सरगना मसूद अजहर की सभी संपत्तियां जब्त होंगी

ध्यान दें कि मसूद अजहर ही भारत में 14 फरवरी को पुलवामा आतंकी हमले का मास्टरमाइंड है। इस आतंकवादी हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 40जवान शहीद हो गए। जब ये पूछा गया कि क्या चीन ने अपना स्टैंड वापस ले लिया है? तो इसका जवाब देते हुए अकबरूद्दीन ने कहा कि ‘हां, डन।’

मसूद अजहर को पाकिस्तान हमेशा से पालता रहा है और मसूद अजहर को अपने मित्र देश पाकिस्तान के लिए चीन हमेशा से बचाता रहा है। भारत के 2009 से लगातार प्रयास करने के बावजूद भी मसूद अजहर केवल चीन के बार-बार वीटो करने के कारण वैश्विक आतंकी घोषित नहीं हो पा रहा था। इस बार भी ऐसा ही हो रहा था लेकिन अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत के साथ इस बार फ्रांस ने मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करवाने की पुरजोर कोशिश की जोकि रंग भी ले आई। चीन को भी इसमें जो अपने हाथ पीछे खींचने पड़े उसके कारण पाकिस्तान को एक बड़ा झटका लगा है।

2009 से चल रही थी कोशिश

भारत मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए पिछले 10 सालों से कोशिश कर रहा था। यह चौथी कोशिश थी जोकि इतने जद्दोजहद के बाद कामयाब हुई। भारत ने संयुक्त राष्ट्र में साल 2009 में प्रस्ताव रखा था फिर 2016 में अमेरिका,ब्रिटेन और फ्रांस के साथ मिलकर भारत ने संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध परिषद के समक्ष दूसरी बार प्रस्ताव रखा।

इन सभी देशों के साथ भारत ने तीसरी बार 2017 में प्रस्ताव रखा। चीन ने वीटो देकर मसूद को बचा लिया। मार्च में भी अमेरिका,ब्रिटेन और फ्रांस द्वारा अजहर पर बैन लगाने की साझा मांग पर चीन ने वीटो देकर उसे बचा लिया था।

फ्रांस का जोरदार समर्थन और स्वागत

पुलवामा आतंकी हमले के बाद मसूद अजहर पर बैन लगाने का जोरदार समर्थन अगर किसी देश ने किया था तो वो फ्रांस ही था। फ्रांस ने मसूद अजहर पर 15 मार्च को ही राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध लगा दिया था। आज संयुक्त राष्ट्र की UNSC 1267 प्रतिबंध समिति के द्वारा मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने का फ्रांस ने स्वागत किया है।

फ्रांस ने कहा है कि, ‘फ्रेंच कूटनीति लगातार अजहर को प्रतिबंधित करने की कोशिश कर रही थी खासतौर से फरवरी में पुलवामा हमले के बाद।’

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Reena Arya

रीना आर्य एक ज्वलंत और साहसी पत्रकार व लेखिका है। वे समयधारा.कॉम की एडिटर-इन-चीफ और फाउंडर भी है। लेखन के प्रति अपने जुनून की बदौलत रीना आर्य ने न केवल बड़े-बड़े ब्रांड्स में अपने काम के बल पर अपनी पहचान बनाई बल्कि अपनी काबलियत को प्रूव करते हुए पत्रकारिता के पांच से छह साल के सफर में ही अपने बल खुद एक नए ब्रैंड www.samaydhara.com की नींव रखी।रीना आर्य हर मुद्दे पर अपनी बेबाक राय रखने पर विश्वास करती है और अपने लेखन को लगभग हर विधा में आजमा चुकी है

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