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विकीलीक्स के सह-संस्थापक जूलियन असांजे गिरफ्तार, इस मामले में पाया गया दोषी

लंदन, 11 अप्रैल: Wikileaks co-founder Julian Assange arrested- विकिलीक्स के सह संस्थापक जूलियन असांजे को गिरफ्तार कर लिया गया (Wikileaks co-founder Julian Assange arrested)। ब्रिटेन की एक कोर्ट ने उन्हें जमानत शर्तों का उल्लंघन किए जाने का दोषी पाया।

गौरतलब है कि जूलियन असांजे को लंदन स्थित इक्वाडोर दूतावास से सात सालों बाद गिरफ्तार कर लिया गया।

दक्षिण अमेरिकी देश ने असांजे को दी गई शरण को वापस ले लिया जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इक्वाडोर के राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें ऐसे किसी देश में प्रत्यर्पित नहीं किया जाएगा जहां उन्हें यातना या मौत की सजा का सामना करना पड़ेगा।

डिस्ट्रिक्ट जज माइकल सनो ने असांजे को जमानत शर्तों का उल्लंघन करने का दोषी पाया और उन्हें प्रत्यर्पण सुनवाई के लिए दो मई को वीडियोलिंक के जरिये पेश होने का आदेश दिया।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरेसा मे ने असांजे को गिरफ्तार किये जाने की संसद में पुष्टि की और इसे ‘‘कानूनी मामला’’ बताया क्योंकि असांजे को अब ‘‘कंप्यूटर अपराधों से संबंधित आरोपों’’ में अमेरिका के प्रत्यर्पण की कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘उन्हें अमेरिका के अधिकारियों के प्रत्यर्पण अनुरोध के संबंध में भी गिरफ्तार किया गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इससे पता चलता है कि ब्रिटेन में कानून से ऊपर कोई नहीं है।’’

आस्ट्रेलिया में जन्मे 47 वर्षीय असांजे लगभग सात वर्षों तक लंदन स्थित इक्वाडोर दूतावास में रहे।

मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने एक बयान में कहा, ‘‘उन्हें (असांजे) मध्य लंदन के पुलिस थाने में हिरासत में लिया गया है। वेस्टमिन्सटर मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किये जाने से पहले उन्हें इसी थाने में रखा जायेगा।’’

इसी अदालत द्वारा 29 जून, 2012 को जारी किये गए वारंट पर आत्मसमर्पण करने में विफल रहने के बाद असांजे को गिरफ्तार किया गया है।

ब्रिटिश सरकार ने गिरफ्तारी का स्वागत किया है और इसे ब्रिटेन और इक्वाडोर के बीच ‘‘व्यापक वार्ता’’ का परिणाम बताया है।

ब्रिटेन के गृह मंत्री साजिद जावेद ने ट्विटर पर जारी एक बयान में कहा, ‘‘लगभग सात वर्षों के बाद इक्वाडोर दूतावास में गये, मैं पुष्टि कर सकता हूं कि असांजे अब पुलिस हिरासत में है और अब उसे ब्रिटेन में मुकदमे का सामना करना होगा। मैं इक्वाडोर को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद देता हूं। कानून से ऊपर कोई नहीं है।’’

ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेरेमी हंट ने अपने बयान में कहा कि असांजे ‘‘हीरो’’ नहीं है क्योंकि वह कई वर्षों तक सच्चाई से छिपता रहा।

इक्वाडोर के राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो ने कहा कि देश ने असांजे को दी गई शरण को वापस ले लिया है।

मोरेनो ने कहा, ‘‘एक संप्रभु फैसले में इक्वाडोर ने अंतरराष्ट्रीय संधियों और दैनिक जीवन प्रोटोकॉल के बार-बार उल्लंघन के बाद जूलियन असांजे को दी गई शरण वापस ले ली।’’

47 वर्षीय असांजे पर आरोप है कि उन्होंने अमेरिका से संबंधित गोपनीय दस्तावेजों को सार्वजनिक किया था।

यौन उत्पीड़न और बलात्कार के आरोपों में स्वीडिश अधिकारी उनसे पूछताछ करना चाहते थे जिसके बाद असांजे ने दूतावास में शरण मांगी थी।

इस बीच, एएफपी की खबर के अनुसान विकिलीक्स ने इक्वाडोर पर उसके सह संस्थापक जूलियन असांजे को दी गई शरण को ‘‘अवैध रूप’’ से वापस लेने का बृहस्पतिवार को आरोप लगाया और कहा कि लंदन में इक्वाडोर के राजदूत ने उन्हें गिरफ्तार करने के लिए ब्रिटिश पुलिस को आमंत्रित किया था।

विकिलीक्स ने ट्विटर पर कहा, ‘‘इक्वाडोर ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से असांजे को दी गई राजनीतिक शरण को खत्म कर दिया।’’

उन्होंने कहा,‘‘ ब्रिटिश पुलिस को दूतावास में बुलाया गया और उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया।’’

इक्वाडोर के राष्ट्रपति मोरेनो ने कहा कि असांजे को मौत की सजा के प्रावधान वाले देश में प्रत्यर्पित नहीं किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि असांजे को ऐसी किसी भी देश में प्रत्यर्पित नहीं किया जायेगा जहां उसे ‘‘यातना या मौत की सजा का सामना करना पड़े।’’

मोरेनो ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘मैंने ग्रेट ब्रिटेन से इस बात की गारंटी मांगी है कि असांजे को किसी भी ऐसे देश में प्रत्यर्पित नहीं किया जाएगा जहां उन्हें यातना या मौत की सजा दी जा सकती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ब्रिटिश सरकार ने लिखित में इसकी पुष्टि की है’’ कि वे इस बात को पूरा करेंगे।

वर्ष 2010 में असांजे पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली एक स्वीडिश महिला की वकील ने कहा कि वह और उनकी मुवक्किल स्वीडिश अभियोजकों से जांच को फिर किये जाने के लिए कहेंगे। यह जांच 2017 में बंद कर दी गई थी।

रूस ने असांजे को ब्रिटेन में गिरफ्तार किये जाने की निंदा करते हुए इस कदम को लोकतांत्रिक स्वतंत्रता के खिलाफ एक कदम बताया और ब्रिटेन से उनके अधिकारों का सम्मान किये जाने का आह्वान किया।

भगोड़े अमेरिकी व्हिसलब्लोअर एडवर्ड स्नोडेन ने असांजे को गिरफ्तार किये जाने की निंदा करते हुए इसे ‘‘प्रेस की स्वतंत्रता के लिए एक काला दिन’’बताया है।

अमेरिकी सरकार की व्यापक सर्विलांस गतिविधियों के बारे में मीडिया को हजारों दस्तावेजों के लीक होने के बाद 2013 में स्नोडेन रूस भाग गये थे।

असांजे को गिरफ्तार किये जाने की अनुमति देने के निर्णय के बाद इक्वाडोर के पूर्व नेता राफेल कोरेया ने मौजूदा राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो को एक विश्वासघाती बताया।

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Reena Arya

रीना आर्य एक ज्वलंत और साहसी पत्रकार व लेखिका है। वे समयधारा.कॉम की एडिटर-इन-चीफ और फाउंडर भी है। लेखन के प्रति अपने जुनून की बदौलत रीना आर्य ने न केवल बड़े-बड़े ब्रांड्स में अपने काम के बल पर अपनी पहचान बनाई बल्कि अपनी काबलियत को प्रूव करते हुए पत्रकारिता के पांच से छह साल के सफर में ही अपने बल खुद एक नए ब्रैंड www.samaydhara.com की नींव रखी।रीना आर्य हर मुद्दे पर अपनी बेबाक राय रखने पर विश्वास करती है और अपने लेखन को लगभग हर विधा में आजमा चुकी है

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