प्योंयांग, 16 मई :  शांति के बाद उत्तर कोरिया ने दी फिर ट्रंप को धमकी l 

उत्तर कोरिया ने बुधवार को कहा कि अगर अमेरिका उस पर परमाणु कार्यक्रम छोड़ने के लिए एकतरफा दबाव बनाता रहेगा, तो वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रस्तावित बैठक में शामिल होने के फैसले को लेकर फिर से विचार कर सकता है।  उत्तर कोरियाई समाचार एजेंसी केसीएनए ने उप विदेश मंत्री किम क्ये-ग्वान के हवाले से बताया कि "अमेरिका अगर हमें एक किनारे कर देता है और एकतरफा तौर पर हमसे परमाणु हथियार छोड़ने की मांग करता है तो वार्ताओं में शामिल होने में हमारी कोई दिलचस्पी नहीं होगी और हमें इस पर फिर से विचार करना होगा कि हम आगामी उत्तर कोरिया-अमेरिका सम्मेलन को स्वीकार करें या नहीं।"  बीबीसी ने कहा, बढ़ती मुश्किलों के संकेत के बीच, किम जोंग-उन प्रशासन ने दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच संयुक्त सैन्याभास का जिक्र करते हुए बुधवार को सियोल के साथ प्रस्तावित वार्ता से हाथ खींच लिया।

ट्रंप और किम के बीच बहुप्रतीक्षित मुलाकात 12 जून को होनी प्रस्तावित है। 

उत्तर कोरिया द्वारा यह कहे जाने के बाद कि वह कोरियाई प्रायद्वीप में परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए प्रतिबद्ध है, यह बैठक तय की गई थी। 

बीबीसी के मुताबिक, दोनों देशों के नेताओं की मुलाकात को लेकर अहम तैयारियां चल रही थीं, लेकिन इस घटनाक्रम के बाद अब यह मुलाकात संदेह के घेरे में है। 
किम ने कहा कि उत्तर कोरिया को बड़ी उम्मीदें थीं कि इस बैठक से कोरियाई प्रायद्वीप में हालात ठीक होंगे और यह महान भविष्य के निर्माण के लिए एक बड़ा कदम साबित होगा।  उन्होंने कहा, "हालांकि, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बैठक के पहले अमेरिका कई बेतुके बयान देकर हमें उकसा रहा है।"  दोनों पक्षों के कोरियाई नेता 27 अप्रैल को हुई ऐतिहासिक बैठक में हुए समझौते पर विस्तार से चर्चा करने के संदर्भ में बुधवार को मिलने वाले थे।  हालांकि, दक्षिण कोरिया-अमेरिका के सैन्याभ्यास के शुरू होने को लेकर गुस्साए उत्तर कोरिया ने यह बैठक रद्द कर दी। --आईएएनएस