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Ganesh Chaturthi 2026 : गणेश चतुर्थी कब है? 13 या 14 सितंबर? जानें सही तारीख, मुहूर्त और विसर्जन

Ganesh Chaturthi 2026 कब है? जानें 13 या 14 सितंबर में सही तारीख, चतुर्थी तिथि, गणपति स्थापना मुहूर्त, पूजा विधि, 1.5 से 10 दिन की स्थापना और अनंत चतुर्दशी पर विसर्जन की पूरी जानकारी।

Ganesh Chaturthi 2026 : इस साल गणपति बप्पा कब विराजेंगे?

Ganesh Chaturthi 2026 को लेकर इस बार सबसे ज्यादा चर्चा 13 और 14 सितंबर की तारीख को लेकर है। अलग-अलग पंचांगों में चतुर्थी तिथि के आरंभ और समाप्त होने के समय में अंतर दिखाई दे रहा है, जिसकी वजह से कई कैलेंडर और वेबसाइटों पर 13 सितंबर का भी उल्लेख मिल रहा है।

हालांकि मुख्य रूप से गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi ) का पर्व सोमवार, 14 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा।

नई दिल्ली के लिए उपलब्ध पंचांग गणना में गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को बताई गई है और गणपति पूजा का मध्यान्ह मुहूर्त लगभग सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक है।

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यानी अगर आप घर में गणपति स्थापना की तैयारी कर रहे हैं तो 14 सितंबर 2026 को मुख्य पूजा और स्थापना करना सबसे उपयुक्त रहेगा।

महत्वपूर्ण: पूजा का सटीक समय शहर और स्थानीय पंचांग के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है। इसलिए अंतिम मुहूर्त के लिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता दें।


Ganesh Chaturthi 2026 Date: 13 या 14 सितंबर?

यही इस साल का सबसे बड़ा सवाल है।

कुछ पंचांग/कैलेंडर गणना में चतुर्थी तिथि के आरंभ को 13 सितंबर से जोड़ा गया है, जबकि अन्य गणनाओं में चतुर्थी का आरंभ 14 सितंबर सुबह से बताया गया है।

उदाहरण के लिए, कुछ नई दिल्ली-आधारित गणनाओं में चतुर्थी 13 सितंबर की रात से 14 सितंबर की रात तक बताई गई है, जबकि Drik Panchang की गणना में 14 सितंबर सुबह 7:06 बजे से 15 सितंबर सुबह 7:44 बजे तक चतुर्थी तिथि दी गई है।

ऐसे अंतर का मुख्य कारण स्थान, सूर्योदय और पंचांग गणना की पद्धति है।

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लेकिन मुख्य पर्व 14 सितंबर को क्यों?

गणेश चतुर्थी Ganesh Chaturthi  के लिए सामान्यतः मध्यान्ह काल में चतुर्थी तिथि की उपस्थिति को विशेष महत्व दिया जाता है। 2026 में 14 सितंबर को गणपति पूजा का प्रमुख मध्यान्ह मुहूर्त उपलब्ध है। इसलिए मुख्य गणेश चतुर्थी और गणपति स्थापना 14 सितंबर 2026, सोमवार को ही की जाएगी।

एक नजर में

जानकारीतारीख/समय
Ganesh Chaturthi 202614 सितंबर 2026, सोमवार
मुख्य गणपति स्थापना14 सितंबर
प्रमुख पूजा समय, नई दिल्लीलगभग 11:02 AM–1:31 PM
चतुर्थी तिथिस्थानीय पंचांग के अनुसार समय में अंतर संभव
गणेश विसर्जन25 सितंबर 2026
अनंत चतुर्दशी25 सितंबर 2026, शुक्रवार
गणेशोत्सव14 सितंबर से 25 सितंबर तक

Drik Panchang के अनुसार 14 सितंबर को नई दिल्ली में गणेश पूजा का समय 11:02 AM से 1:31 PM और विसर्जन की मुख्य तारीख 25 सितंबर है।


Ganesh Chaturthi 2026 शुभ मुहूर्त

गणपति स्थापना के लिए मध्यान्ह काल को विशेष शुभ माना जाता है। नई दिल्ली के लिए उपलब्ध पंचांग में 14 सितंबर को:

गणेश पूजा मुहूर्त:
सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक

कुल अवधि लगभग 2 घंटे 29 मिनट है।

हालांकि दूसरे शहरों में मुहूर्त अलग हो सकता है। उदाहरण के लिए उपलब्ध पंचांग गणना में मुंबई के लिए करीब 11:20 AM से 1:48 PM, पुणे के लिए 11:16 AM से 1:44 PM, चेन्नई के लिए 10:51 AM से 1:18 PM और कोलकाता के लिए 10:18 AM से 12:46 PM का समय दिया गया है।

शहर के अनुसार गणपति स्थापना मुहूर्त

शहरपूजा/स्थापना का समय
नई दिल्ली11:02 AM – 1:31 PM
नोएडा11:02 AM – 1:30 PM
मुंबई11:20 AM – 1:48 PM
पुणे11:16 AM – 1:44 PM
जयपुर11:08 AM – 1:36 PM
चंडीगढ़11:04 AM – 1:33 PM
गुरुग्राम11:03 AM – 1:31 PM
बेंगलुरु11:02 AM – 1:28 PM
चेन्नई10:51 AM – 1:18 PM
हैदराबाद10:58 AM – 1:25 PM
अहमदाबाद11:21 AM – 1:49 PM
कोलकाता10:18 AM – 12:46 PM

ये समय स्थानीय पंचांग गणना पर आधारित हैं और स्थान के अनुसार बदल सकते हैं।


गणपति स्थापना कैसे करें?

गणपति बप्पा की स्थापना केवल मूर्ति रखने का नाम नहीं है। श्रद्धा के साथ की गई स्थापना में स्थान की शुद्धता, संकल्प और पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।

1. पूजा स्थान की सफाई करें

सबसे पहले घर के पूजा स्थल या जहां गणपति की स्थापना करनी है, उस स्थान को अच्छी तरह साफ करें।

इसके बाद वहां गंगाजल या स्वच्छ जल का छिड़काव कर स्थान को शुद्ध करें।

2. चौकी तैयार करें

एक साफ चौकी रखें और उस पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं।

चौकी के सामने या आसपास रंगोली भी बनाई जा सकती है।

3. कलश स्थापित करें

पूजा की परंपरा के अनुसार कलश स्थापित किया जा सकता है। कलश में स्वच्छ जल भरकर उसके ऊपर आम के पत्ते और नारियल रखा जाता है।

4. गणपति की मूर्ति स्थापित करें

गणेश जी की मूर्ति को सम्मानपूर्वक चौकी पर स्थापित करें।

परंपरा में मिट्टी की पर्यावरण-अनुकूल मूर्ति को प्राथमिकता दी जा सकती है।

5. गणेश जी को वस्त्र और आभूषण अर्पित करें

गणपति को लाल या पीले वस्त्र, फूल और माला अर्पित करें।

6. तिलक और दूर्वा अर्पित करें

गणेश पूजा में दूर्वा और लाल फूल का विशेष महत्व माना जाता है।

7. भोग लगाएं

भगवान गणेश को मोदक, लड्डू, फल और अन्य सात्विक प्रसाद अर्पित करें।

8. मंत्र और आरती

पूजा के दौरान गणेश मंत्र का जाप करें:

ॐ गं गणपतये नमः।

इसके बाद गणेश आरती करें और परिवार के सभी सदस्य भगवान गणेश का आशीर्वाद लें।


गणेश पूजा में क्या-क्या सामग्री चाहिए?

गणपति स्थापना से पहले पूजा सामग्री तैयार कर लेना बेहतर रहता है।

गणेश पूजा सामग्री लिस्ट

  • गणेश जी की मूर्ति
  • पूजा चौकी
  • लाल/पीला कपड़ा
  • कलश
  • नारियल
  • आम के पत्ते
  • रोली
  • कुमकुम
  • अक्षत
  • दूर्वा
  • लाल फूल
  • माला
  • धूप
  • दीपक
  • कपूर
  • घी
  • पंचामृत की सामग्री
  • फल
  • मोदक
  • लड्डू
  • सुपारी
  • पान
  • मौली/कलावा
  • दक्षिणा
  • गंगाजल

सामग्री की संख्या और विधि परिवार की परंपरा तथा स्थानीय पूजा पद्धति के अनुसार अलग हो सकती है।

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गणेश चतुर्थी पर कितने दिन के लिए गणपति स्थापित किए जाते हैं?

गणपति स्थापना के बाद विसर्जन के लिए कोई एक ही अनिवार्य अवधि नहीं है। अलग-अलग परिवार और समुदाय अपनी परंपरा के अनुसार गणपति को अलग-अलग दिनों तक रखते हैं।

सबसे लोकप्रिय अवधि हैं:

डेढ़ दिन, 3 दिन, 5 दिन, 7 दिन और 10 दिन।

महाराष्ट्र सहित कई क्षेत्रों में 10 दिवसीय गणेशोत्सव विशेष रूप से प्रसिद्ध है और इसका समापन अनंत चतुर्दशी पर होता है।


1.5 दिन के गणपति विसर्जन की तारीख

यदि 14 सितंबर को गणपति की स्थापना की जाती है और डेढ़ दिन की परंपरा अपनाई जाती है तो विसर्जन अगले दिन, यानी 15 सितंबर 2026 को किया जा सकता है।

हालांकि डेढ़ दिन के विसर्जन का सटीक समय स्थानीय परंपरा और परिवार की पूजा पद्धति पर निर्भर करेगा।


3 दिन के गणपति विसर्जन की तारीख

14 सितंबर को स्थापना के बाद 3 दिन की परंपरा के अनुसार विसर्जन लगभग:

17 सितंबर 2026

को किया जा सकता है।


5 दिन के गणपति विसर्जन की तारीख

5 दिन के गणपति के लिए विसर्जन:

19 सितंबर 2026

को किया जा सकता है।

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7 दिन के गणपति विसर्जन की तारीख

7 दिन की स्थापना करने वाले भक्त लगभग:

21 सितंबर 2026

को गणपति विसर्जन कर सकते हैं।


10 दिन के गणपति विसर्जन की तारीख

10 दिवसीय गणेशोत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी के दिन होता है।

2026 में अनंत चतुर्दशी:

25 सितंबर 2026, शुक्रवार

को है।

इसी दिन बड़े स्तर पर गणपति विसर्जन किया जाएगा। उपलब्ध पंचांगों में भी 25 सितंबर को गणेश विसर्जन की मुख्य तारीख बताया गया है।


Ganesh Visarjan 2026: किस दिन होगा विसर्जन?

स्थापना अवधिसंभावित विसर्जन
1.5 दिन15 सितंबर
3 दिन17 सितंबर
5 दिन19 सितंबर
7 दिन21 सितंबर
10 दिन25 सितंबर
अनंत चतुर्दशी25 सितंबर, शुक्रवार

तारीख की गणना 14 सितंबर की स्थापना को आधार मानकर की गई है। स्थानीय परंपरा में गणना और विसर्जन का समय अलग हो सकता है।


अनंत चतुर्दशी 2026 कब है?

अनंत चतुर्दशी 2026 शुक्रवार, 25 सितंबर को मनाई जाएगी।

गणेशोत्सव के 10 दिवसीय स्वरूप में यही दिन गणपति बप्पा के भव्य विसर्जन का मुख्य दिन माना जाता है।

इस दिन भक्त गणपति की पूजा करने के बाद उन्हें विदाई देते हैं और अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना करते हैं।

“गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ!”


गणपति विसर्जन से पहले क्या करें?

विसर्जन से पहले गणपति की अंतिम पूजा की जाती है।

सामान्य रूप से:

  1. गणपति की पूजा करें।
  2. फूल और माला अर्पित करें।
  3. दूर्वा अर्पित करें।
  4. भोग लगाएं।
  5. आरती करें।
  6. परिवार के सभी सदस्य भगवान गणेश से आशीर्वाद लें।
  7. गणपति से जाने-अनजाने हुई भूल के लिए क्षमा मांगें।
  8. श्रद्धापूर्वक मूर्ति को विसर्जन स्थल तक ले जाएं।

पर्यावरण की दृष्टि से प्राकृतिक मिट्टी की मूर्ति और कृत्रिम रंगों से बचना बेहतर विकल्प है।


Ganesh Chaturthi 2026 पर चंद्र दर्शन क्यों नहीं करना चाहिए?

गणेश चतुर्थी को लेकर एक प्रसिद्ध धार्मिक मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा का दर्शन करने से कलंक या अपयश का सामना करना पड़ सकता है। इसी कारण इसे कई जगह कलंक चतुर्थी भी कहा जाता है।

पंचांगों में इस दिन चंद्र दर्शन से बचने का समय भी दिया जाता है। नई दिल्ली के लिए अलग-अलग पंचांग गणनाओं में लगभग सुबह से रात तक चंद्र दर्शन वर्जित अवधि बताई गई है।

यह एक धार्मिक मान्यता है, वैज्ञानिक निष्कर्ष नहीं।


Ganesh Chaturthi का धार्मिक महत्व

हिंदू परंपरा में भगवान गणेश को विघ्नहर्ता, बुद्धि, ज्ञान और शुभारंभ के देवता के रूप में पूजा जाता है।

किसी भी शुभ कार्य से पहले गणेश जी की पूजा करने की परंपरा इसी विश्वास से जुड़ी है कि भगवान गणेश कार्य में आने वाली बाधाओं को दूर करते हैं।

गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। विशेष रूप से महाराष्ट्र में गणेशोत्सव ने सामाजिक और सांस्कृतिक पर्व का व्यापक स्वरूप ले लिया है।


घर पर गणपति स्थापना के लिए जरूरी बातें

अगर आप घर में गणपति स्थापित करने जा रहे हैं तो इन बातों का ध्यान रखें:

मूर्ति कैसी हो?

  • मिट्टी की मूर्ति बेहतर विकल्प है।
  • मूर्ति घर के स्थान के अनुरूप चुनें।
  • बहुत बड़ी मूर्ति की बजाय ऐसी मूर्ति रखें जिसे आसानी से पूजा और विसर्जित किया जा सके।

स्थापना कहां करें?

घर में साफ और शांत स्थान चुनें।

मूर्ति को सीधे जमीन पर रखने की बजाय चौकी पर स्थापित करना परंपरागत रूप से उचित माना जाता है।

पूजा कितनी बार करें?

घर की परंपरा के अनुसार सुबह और शाम पूजा/आरती की जा सकती है।

क्या रोज भोग लगाएं?

श्रद्धा के अनुसार रोज फल, मिठाई, मोदक या अन्य सात्विक प्रसाद चढ़ाया जा सकता है।


Ganesh Chaturthi 2026: क्या खाएं और क्या चढ़ाएं?

गणपति पूजा में मोदक का विशेष महत्व माना जाता है।

इसके अलावा भक्त अपनी परंपरा के अनुसार:

  • लड्डू
  • फल
  • नारियल
  • केले
  • मिठाई
  • पंचामृत
  • दूर्वा
  • लाल फूल

आदि अर्पित कर सकते हैं।

पूजा में सात्विकता और स्वच्छता का ध्यान रखना सबसे महत्वपूर्ण है।


Ganesh Chaturthi 2026 पूजा का सरल क्रम

अगर आप पहली बार घर पर गणपति स्थापित कर रहे हैं तो पूजा को बहुत जटिल बनाने की जरूरत नहीं है।

सरल क्रम:

सफाई → चौकी → कलश → गणेश स्थापना → संकल्प → आवाहन → स्नान/पंचामृत → वस्त्र → तिलक → दूर्वा → फूल → धूप-दीप → भोग → मंत्र जाप → आरती → प्रसाद

परिवार की परंपरा या पुरोहित द्वारा बताई गई विस्तृत विधि का पालन भी किया जा सकता है।

Ganesh Chaturthi 2026: 10 दिन का पूरा कैलेंडर

अगर आप 10 दिवसीय गणेशोत्सव मना रहे हैं तो इसे इस तरह समझ सकते हैं:

दिनतारीखप्रमुख अवसर
Day 114 सितंबरगणपति स्थापना एवं गणेश चतुर्थी
Day 215 सितंबरगणपति पूजा
Day 316 सितंबरगणपति पूजा
Day 417 सितंबरगणपति पूजा/कुछ स्थानों पर विसर्जन
Day 518 सितंबरगणपति पूजा
Day 619 सितंबर5वें दिन विसर्जन करने वालों के लिए
Day 720 सितंबरगणपति पूजा
Day 821 सितंबर7वें दिन विसर्जन करने वालों के लिए
Day 922 सितंबरगणपति पूजा
Day 1023 सितंबरगणपति पूजा
Day 1124 सितंबरअंतिम तैयारियां
विसर्जन25 सितंबरअनंत चतुर्दशी एवं प्रमुख गणपति विसर्जन

यह कैलेंडर 14 सितंबर की स्थापना और 25 सितंबर की अनंत चतुर्दशी को आधार मानकर बनाया गया है।


13 सितंबर को गणपति स्थापना करनी चाहिए या 14 सितंबर को?

यह सवाल इस साल सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है।

मुख्य उत्तर: 14 सितंबर को स्थापना करें।

13 सितंबर की तारीख कुछ पंचांग गणनाओं में चतुर्थी तिथि के आरंभ के कारण दिखाई दे सकती है। लेकिन मुख्य गणेश चतुर्थी पर्व और मध्यान्ह पूजा मुहूर्त 14 सितंबर को पड़ रहा है। नई दिल्ली सहित कई पंचांग गणनाएं 14 सितंबर को ही मुख्य पर्व बता रही हैं।

इसलिए समाचार, कैलेंडर और धार्मिक आयोजन के स्तर पर:

Ganesh Chaturthi 2026 = 14 सितंबर 2026

मानना सबसे व्यावहारिक है।

फिर भी यदि किसी परिवार की अपनी क्षेत्रीय पंचांग परंपरा है, तो उसी के अनुसार पूजा करना उचित रहेगा।


Ganesh Chaturthi 2026 FAQ

Q1. Ganesh Chaturthi 2026 कब है?

उत्तर: गणेश चतुर्थी 2026 का मुख्य पर्व 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाया जाएगा।

Q2. गणेश चतुर्थी 13 सितंबर को है या 14 सितंबर को?

उत्तर: मुख्य पर्व 14 सितंबर को है। 13 सितंबर को लेकर भ्रम चतुर्थी तिथि के आरंभ के अलग-अलग पंचांग समय के कारण है।

Q3. Ganesh Chaturthi 2026 में गणपति स्थापना का मुहूर्त क्या है?

उत्तर: नई दिल्ली के लिए उपलब्ध गणना के अनुसार 11:02 AM से 1:31 PM तक मध्यान्ह गणेश पूजा मुहूर्त है।

Q4. गणेश विसर्जन 2026 कब होगा?

उत्तर: 10 दिवसीय गणेशोत्सव का मुख्य विसर्जन 25 सितंबर 2026, शुक्रवार, अनंत चतुर्दशी के दिन होगा।

Q5. क्या गणपति को 10 दिन रखना जरूरी है?

उत्तर: नहीं। परिवार और क्षेत्र की परंपरा के अनुसार डेढ़ दिन, 3, 5, 7 या 10 दिन के लिए गणपति स्थापित किए जा सकते हैं।

Q6. डेढ़ दिन के गणपति का विसर्जन कब होगा?

उत्तर: 14 सितंबर को स्थापना करने पर सामान्य गणना के अनुसार डेढ़ दिन का विसर्जन 15 सितंबर को किया जा सकता है।

Q7. 5 दिन के गणपति का विसर्जन कब होगा?

उत्तर: 14 सितंबर की स्थापना के आधार पर लगभग 19 सितंबर 2026 को 5 दिन का विसर्जन किया जा सकता है।

Q8. 7 दिन के गणपति का विसर्जन कब होगा?

उत्तर: 14 सितंबर को स्थापना के आधार पर लगभग 21 सितंबर 2026 को 7 दिन का विसर्जन होगा।

Q9. अनंत चतुर्दशी 2026 कब है?

उत्तर: 25 सितंबर 2026, शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी होगी।

Q10. क्या गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा देखना चाहिए?

उत्तर: धार्मिक मान्यता के अनुसार गणेश चतुर्थी पर चंद्र दर्शन से बचने की परंपरा है। इसे कलंक चतुर्थी से भी जोड़ा जाता है।

Q11. गणेश पूजा में कौन सा मंत्र पढ़ें?

उत्तर: सरल मंत्र है:

ॐ गं गणपतये नमः।

इसे श्रद्धा के साथ जाप किया जा सकता है।

Q12. गणपति को कौन सा भोग सबसे प्रिय माना जाता है?

उत्तर: धार्मिक परंपरा में मोदक को भगवान गणेश का प्रिय भोग माना जाता है। इसके साथ लड्डू, फल और अन्य सात्विक प्रसाद भी अर्पित किए जाते हैं।


निष्कर्ष: 14 सितंबर को विराजेंगे बप्पा, 25 सितंबर को होगा भव्य विसर्जन

Ganesh Chaturthi 2026 को लेकर 13 और 14 सितंबर की तारीख के बीच जो भ्रम दिखाई दे रहा है, उसका कारण अलग-अलग स्थानों के पंचांग में चतुर्थी तिथि के आरंभ और समाप्ति के समय में अंतर है।

लेकिन मुख्य गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाया जाएगा। नई दिल्ली के लिए गणपति पूजा का प्रमुख मुहूर्त लगभग सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक है।

भक्त अपनी परंपरा के अनुसार डेढ़, 3, 5, 7 या 10 दिन तक गणपति बप्पा को घर में विराजमान कर सकते हैं। 10 दिवसीय गणेशोत्सव का समापन 25 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी पर होगा, जब देश के कई हिस्सों में गणपति विसर्जन के लिए भव्य आयोजन होंगे।

गणपति बप्पा मोरया! 🙏
मंगल मूर्ति मोरया!

नोट: पूजा और मुहूर्त के समय शहर, सूर्योदय तथा स्थानीय पंचांग के अनुसार कुछ अंतर हो सकता है। इसलिए अपने क्षेत्र के स्थानीय पंचांग/पुरोहित से अंतिम समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।


❓ FAQ

Q1. Ganesh Chaturthi 2026 कब है?
Ganesh Chaturthi 2026 का मुख्य पर्व 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाया जाएगा।

Q2. गणेश चतुर्थी 13 या 14 सितंबर को है?
मुख्य गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को है। 13 सितंबर को लेकर भ्रम अलग-अलग पंचांगों में चतुर्थी तिथि के समय के अंतर के कारण है।

Q3. Ganesh Chaturthi 2026 में गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है?
नई दिल्ली के लिए गणपति पूजा का प्रमुख मध्यान्ह मुहूर्त लगभग सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक है।

Q4. Ganesh Visarjan 2026 कब है?
10 दिवसीय गणेशोत्सव का मुख्य विसर्जन 25 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी के दिन होगा।

Q5. Anant Chaturdashi 2026 कब है?
अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर 2026, शुक्रवार को है।

Q6. गणपति कितने दिन के लिए स्थापित किए जा सकते हैं?
गणपति को डेढ़ दिन, 3 दिन, 5 दिन, 7 दिन या 10 दिन के लिए स्थापित करने की परंपरा है।

Q7. गणेश चतुर्थी पर कौन सा मंत्र पढ़ना चाहिए?
ॐ गं गणपतये नमः भगवान गणेश का सरल और लोकप्रिय मंत्र है।


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Varsa

वर्षा कोठारी एक उभरती लेखिका है। पत्रकारिता जगत में कई ब्रैंड्स के साथ बतौर फ्रीलांसर काम किया है। अपने लेखन में रूचि के चलते समयधारा के साथ जुड़ी हुई है। वर्षा मुख्य रूप से मनोरंजन, हेल्थ और जरा हटके से संबंधित लेख लिखती है लेकिन साथ-साथ लेखन में प्रयोगात्मक चुनौतियां का सामना करने के लिए भी तत्पर रहती है।

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